Matric Sanskrit Official Model Paper 2022 PDF Download

Matric Sanskrit Official Model Paper 2022 PDF Download | Bihar Board Class 10th Sanskrit Model Paper 2022 |

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Matric Sanskrit Official Model Paper 2022 PDF Download

SECONDARY SCHOOL EXAMINATION
2022 – (ANNUAL)
Model Paper – 2
द्वितीय भारतीय भाषा – संस्कृत (SANSKRIT – SIL)

Time : 03Hrs. 15 Minutes
समय : 03 घंटे 15 मिनट
Total No of Question :- 100+5= 105
कुल प्रश्नों की संख्या :- 100+5= 105

परीक्षार्थियों के लिए निर्देश :-

1. परीक्षार्थी यथासंभव अपने शब्दों में ही उत्तर दें
2. दाहिनी ओर हाशिये पर दिये हुए अंक पूर्णांक निर्दिष्ट करते हैं।
3. उत्तर देते समय परीक्षार्थी यथासंभव शब्द सीमा का ध्यान रखें
4. इस प्रश्न पत्र को पढ़ने के लिए परीक्षार्थियों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया गया है।
5. यह प्रश्नपत्र दो खण्डों में है – खण्ड-अ एवं खण्ड-ब।
6. खण्ड अ में 100 वस्तुनिष्ठ प्रश्न हैं। इनमें से किन्हीं 50 प्रश्नों का उत्तर देना है। यदि कोई परीक्षार्थी 50 से अधिक प्रश्नों का उत्तर देते हैं तो प्रथम 50 प्रश्नों का ही मूल्यांकन किया जाएगा। प्रत्येक के लिए 1 अंक निर्धारित है। इनका उत्तर उपलब्ध कराये गये OMR उत्तर-पत्रक में दिये गये सही वृत्त को काले/नीले बॉल पेन से भरें। किसी भी प्रकार के हाइटनर/तरल पदार्थ/ब्लेड/नाखून आदि का उत्तर पुस्तिका में प्रयोग करना मना है, अन्यथा परीक्षा परिणाम अमान्य होगा।
7. खण्ड–ब में कुल 05 विषयनिष्ठ प्रश्न हैं। प्रत्येक प्रश्न के सामने अंक निर्धारित हैं।
8. किसी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का प्रयोग पूर्णतया वर्जित है।
खण्ड-अ (वस्तुनिष्ठ प्रश्न)
प्रश्न संख्या 1 से 100 तक के प्रत्येक प्रश्न के साथ चार विकल्प दिए गए हैं, जिनमें से कोई एक सही है। इन 100 प्रश्नों में से किन्हीं 50 प्रश्नों द्वारा चुने गये सही विकल्प को OMR उत्तर–पत्रक पर चिह्नित करें।                                                                                                                            50X1 = 50

1. उपनिषद् के रचनाकार कौन हैं ?
(A) महात्मा विदुर
(B) महर्षि वाल्मीकि
(C) महर्षि वेदव्यास
(D) कालिदास

2. मंगलम् पाठ के रचनाकार कौन हैं ?
(A) महात्मा विदुर
(B) महर्षि वाल्मीकि
(C) महर्षि वेदव्यास
(D) कालिदास

3. ‘सत्यमेव जयते नानृतं.. ….परं निधानम्’ । मन्त्र किस उपनिषद से संगृहीत है ?
(A) कठोपनिषद्
(B) केनोपनिषद्
(C) मुण्डकोपनिषद्
(D) ईशावास्योपनिषद्
4. हिरण्यमयेन पात्रेण कस्य मुखं अपिहितम् ?
(A) सत्यस्य
(B) पापस्य
(C) वाचालस्य
(D) मृषायाः
5. सत्यधर्माय प्राप्तये किं अपावृणु ?
(A) लौहपात्रम्
(B) पीतपात्रम्
(C) हिरण्यमयं पात्रम्
(D) ताम्र पात्रम्
6. ‘वारिणी’ किस विभक्ति का रूप है ?
(A) प्रथमा
(B) द्वितीया
(C) पंचमी
(D) सप्तमी

 7.……. .सत्यस्यापिहित मुखम् । रिक्तस्थानानि पूरयत ।
(A) हिरण्मयेन पात्रेण
(B) लौह पात्रेण
(C) ताम्र पात्रेण
(D) कांस्यपात्रेण

8. गाँधीसेतुः कुत्र अस्ति ?
(A) पाटलिपुत्रनगरे
(B) पहरपुरग्रामे
(C) सासारामनगरे
(D) बक्सरनगरे

9. नगरस्य पालिका देवी का अस्ति ?
(A) पटनदेवी
(B) दुर्गादेवी
(C) शीतलामाता
(D) सरस्वती

10. ‘मुनिषु’ किस विभक्ति का रूप है ?
(A) तृतीया
(B) पंचमी
(C) सप्तमी
(D) षष्ठी

11. ‘नदी’ शब्द का सप्तमी बहुवचन का रूप लिखें ।
(A) नदीषु
(B) नद्याम्
(C) नदसु
(D) नद्याः

12. ‘हनन्ति’ का मूल धातु क्या है ?
(A) हन्
(B) हतः
(C) घन्
(D) हथ

13. ‘पाटलिपुत्र’ किस राज्य की राजधानी है ?
(A) बिहार
(B) उत्तर प्रदेश
(C) मध्य प्रदेश
(D) आँध्र प्रदेश

14. “पाटलिपुत्र’ किस नदी के किनारे स्थित है ?
(A) गंगा
(B) यमुना
(C) गंडक
(D) कोशी

15. “पाटलिपुत्र’ का बुद्ध काल में नाम क्या था ?
(A) पटना
(B) पाटल ग्राम
(C) पाटलिग्राम
(D) पुष्पपुरम्

16. “तिष्ठामि’ किस लकार का रूप है ?
(A) लृट्
(B) लङ्
(C) लोट
(D) लट्

17. ‘चोरय’ किस लकार का रूप है ?
(A) लट्
(B) लोट
(C) लङ्
(D) लृट्

18. ‘शक्ष्येते’ किस लकार का रूप है ?
(A) लङ्
(B) विधिलिङ्ग
(C) लृट्
(D) लोट

19. ‘तच्छ्रुत्वा’ का संधि-विच्छेद क्या होगा ?
(A) तच् + श्रुत्वा
(B) तत् + उक्त्वा
(C) तत् + श्रुत्वा
(D) तत + श्रुत्वा

20. आलसियों को कौन अन्न और वस्त्र देते थे ?
(A) बुद्धिवीर
(B) कर्मवीर
(C) धर्मवीर
(D) वीरेश्वर

21. आलसी पुरुष कितने थे ?
(A) दो
(B) तीन
(C) चार
(D) पाँच

22. ‘अलसकथा’ पाठ में ‘अहो कथमयं कोलाहलः’। किसकी उक्ति है ?
(A) पहला आलसी
(B) दूसरा आलसी
(C) तीसरा आलसी
(D) चौथा आलसी

23. कस्य यानं पुरुषैः नारीभिश्च चलति ?
(A) नगरस्य
(B) देशस्य
(C) प्रान्तस्य
(D) समाजस्य

24. प्रभोऽत्र में कौन संधि है ?
(A) विसर्ग संधि
(B) पररूप संधि
(C) व्यंजन संधि
(D) पूर्वरूप संधि

25. आ + उ के मेल से कौन नया वर्ण बनेगा ?
(A) आ
(B) ओ
(C) औ
(D) आव

26. ‘तेन कृतम्’ का समस्त पद कौन है ?
(A) तत्कृतम्
(B) तंकृतम्
(C) कृतकार्यम्
(D) इनमें से कोई नहीं

27. “पुरुष सिंहः’ का कौन विग्रह है ?
(A) पुरुषः सिंहः
(B) पुरुषः एव सिंहः
(C) पुरुषः सिंहः इव
(D) पुरुषं सिंहम्

28. याज्ञवल्क्य की पत्नी कौन थी ?
(A) मैत्रेयी
(B) सुलभा
(C) देवकुमारिका
(D) रामभद्राम्बा

29. याज्ञवल्क्य ने अपनी पत्नी को किसकी शिक्षा दी ?
(A) नीति की
(B) धर्म की
(C) अर्थ की
(D) आत्मतत्व की

30. विजयांका का समय क्या है ?
(A) आठवीं सदी
(B) सातवीं सदी
(C) दसवीं सदी
(D) चौथी सदी

31. भारत की शोभा से कौन प्रसन्न होते हैं ?
(A) ईश्वर
(B) जन्तु
(C) दानव
(D) मनुष्य

32. ‘लम्बोदरः’ का विग्रह क्या होगा ?
(A) लम्बं उदरं यस्य सः
(B) लम्बं इव उदरं यस्य सः
(C) लम्बः उदरः यस्य सः
(D) लम्बेन उदरेन येन तेन

33. ‘आलोकयति’ पद में कौन उपसर्ग है ?
(A) आङ्
(B) अनु
(C) अव
(D) अप

34. ‘वि’ उपसर्ग से कौन शब्द बनेगा ?
(A) वेषः
(B) विवाहः
(C) व्यर्थः
(D) वादः

35. ‘सु’ उपसर्ग से कौन-सा शब्द बनेगा ?
(A) सुलभः
(B) सूलभः
(C) शुभलाभ:
(D) सूलाभ:

36. पुराण के रचनाकार कौन हैं ?
(A) महात्मा विदुर
(B) महर्षि वाल्मीकि
(C) महर्षि वेदव्यास
(D) कालिदास

37. किस देश में देवता लोग बार-बार जन्म लेते हैं ?
(A) पाकिस्तान
(B) भारत
(C) श्रीलंका
(D) बांग्लादेश

38. कौन भारतवर्ष का गीत गाते हैं ?
(A) देवता
(B) दानव
(C) मनुष्य
(D) इनमें से कोई नहीं

39. जन्मपूर्व संस्कार कितने हैं ?
(A) छः
(B) पाँच
(C) एक
(D) तीन

40. ‘दशरथ + इञ्’ से कौन-सा शब्द निर्मित होगा ?
(A) दाशरथिः
(B) दाशरथी
(C) दाशरथः
(D) दशारथिः

 41. “लघु + इमनिच्’ से कौन शब्द निर्मित होगा ?
(A) लघुमा
(B) लघमा
(C) लघिमा
(D) लाघीमा

42. “विष्णुः देवता अस्य’ के उपयुक्त शब्द लिखें:
(A) वैष्णवीय:
(B) विष्णवः
(C) वेष्णवः
(D) वैष्णवः

43. ‘नास्ति परलोकः इत्येवं मतिर्यस्य’ का उपयुक्त शब्द लिखें:
(A) नास्तिकः
(B) नास्तीकः
(C) नस्तिक:
(D) नासातिकः

44. बचपन में कितने संस्कार होते हैं ?
(A) 2
(B) 4
(C)5
(D) 6

45. शिक्षा संबंधी संस्कार कितने हैं ?
(A) 2
(B) 3
(C) 5
(D) 6

46. ‘विदुरनीतिः’ कस्य रचना अस्ति ?
(A) मनोः
(B) महात्माविदुरस्य
(C) वाल्मीके
(D) राधारमणस्य

47. धर्म की रक्षा किससे होती है ?
(A) सत्य से
(B) विद्या से
(C) वृत्ति से
(D) इनमें से कोई नहीं

48. ‘जनता’ में प्रकृति-प्रत्यय निर्देश करें:
(A) जन + तल्
(B) जना + तल्
(C) जन + त्रल
(D) जन + ष्यञ्

49. ‘मह्यं संस्कृतं रोचते’ इस वाक्य के ‘मां’ पद में किस सूत्र से संप्रदान संज्ञा हुई है ?
(A) दानार्थे चतुर्थी
(B) धारेरुत्तमर्णः
(C) रूच्यर्थाणनम प्रीयमाणः
(D) तादर्थ्य चतुर्थी वाच्या

50. ‘यूयाय दरूः’ इस वाक्य के ‘यूयाय’ पद में किस सूत्र से चतुर्थी विभक्ति हुई है ?
(A) धारेरूतमर्ण:
(B) तादर्थ्य चतुर्थीवाच्या
(C) स्पृहेरीप्सितः
(D) दानार्थे चतुर्थी

51. ‘नीतिश्लोकाः’ पाठ किस ग्रन्थ से संकलित है ?
(A) विदुरनीति से
(B) नीतिशतक से
(C) चाणक्यनीति दर्पण से
(D) शुक्रनीति से

52. “विदुरनीति’ किस ग्रंथ का अंश विशेष है ?
(A) रामायण का
(B) महाभारत का
(C) उपनिषद का
(D) वेद का

53. कर्मवीरः स्नातक परीक्षायां कं स्थानम् अवाप ?
(A) प्रथम
(B) द्वितीय
(C) तृतीयं
(D) पंचम

54. लक्ष्मी किस प्रकार के व्यक्ति के पास आती है ?
(A) बलवान के पास
(B) ज्ञानवान के पास
(C) धूर्त के पास
(D) उद्योगी के पास

55. “कर्मवीर कथा ‘ पाठ में किसकी कथा है ?
(A) रामप्रवेश राम
(B) श्यामप्रवेश राम
(C) गणेशप्रवेश राम
(D) घनश्याम राम

56. कस्य प्रचारं दयानन्दः अकरोत् ?
(A) वैज्ञानिकतत्वज्ञानस्य
(B) सामाजिकज्ञानस्य
(C) नगरव्यवस्थायाः
(D) शुद्धतत्वज्ञानस्य

 57. ‘मोहनः…………. व्याकरणं अधीतवान्’ इस वाक्य के रिक्त स्थ में कौन-सा पद होगा ?
(A) मासस्य
(B) मासेन
(C) मासे
(D) मासात्

58. गुरु गोविन्द सिंह किस धर्म के गुरु थे ?
(A) हिन्दू
(B) जैन
(C) बौद्ध
(D) सिक्ख

59. गुरु गोविन्द सिंह का जन्म स्थल कहाँ है ?
(A) पाटलिपुत्र
(B) कलिङ्ग
(C) उत्कलप्रांत
(D) इनमें से कोई नहीं

60. अलसकथा पाठः कुतः संकलितः ?
(A) अग्निपुराणतः
(B) पुरुषपरीक्षातः
(C) रामायणतः
(D) महाभारततः

61. स्वामी दयानन्द के बचपन का नाम क्या था ?
(A) शंकर
(B) शिवशंकर
(C) मूलशंकर
(D) उमाशंकर

62. स्वामी दयानन्द का जन्म किस ग्राम में हुआ था ?
(A) झंकारा
(B) टंकारा
(C) लंकारा
(D) अंकारा

63. ‘रामायणम्’ ग्रन्थस्य रचनाकारः कः अस्ति ?
(A) सूरदासः
(B) तुलसीदासः
(C) वाल्मीकि:
(D) वेदव्यासः

64. कुंती पुत्र कौन था ?
(A) कर्ण
(B) ब्रह्मा
(C) दुर्योधन
(D) इन्द्र

65. महाभारत किसकी कृति है ?
(A) महर्षि व्यास की
(B) वाल्मीकि की
(C) भृगु की
(D) कश्यप की

66. महाभारत में कितने पर्व हैं ?
(A) 12
(B) 14
(C) 18
(D) 20

67. ‘मंदाकिनी नदी’ किस पर्वत के निकट प्रवाहित होती है ?
(A) चित्रकूट
(B) हिमालय
(C) विंध्याचल
(D) पारसनाथ

68. मनुयः कम् उपतिष्ठन्ते ?
(A) कृष्णम्
(B) रामम्
(C) लक्ष्मणम्
(D) आदित्यम्

69. दुराचारी कः आसीत् ?
(A) व्याघ्रः
(B) पथिकः
(C) दुर्जनः
(D) दानवः

70. पथिकः कुत्र निमग्नः अभवत् ?
(A) नद्याम्
(B) सरोवरे
(C) महापङ्के
(D) गङ्गातटे

71. व्याघ्र पथिक कथा में किस कारण से दुष्परिणाम प्रकट होता बताया गया है ?
(A) क्रोध
(B) लोभ
(C) मोह
(D) मूर्ख

72. अलसकथा पाठस्य लेखकः कः ?
(A) कालिदासः
(B) विद्यापतिः
(C) नारायणपण्डितः
(D) वेदव्यासः

73. वीरेश्वर नाम का मंत्री कहाँ रहता था ?
(A) पाटलिपुत्र में
(B) मिथिला में
(C) जनकपुर में
(D) अयोध्या में

74. ‘दा’ धातु का रूप लट्लकार बहुवचन में क्या होता है ?
(A) ददाति
(B) ददति
(C) दतः
(D) ददतः

75. कौन लोभ से प्रभावित हुआ ?
(A) पथिक
(B) दुर्जन
(C) सज्जन
(D) दानव

76. कौन वंशहीन था ?
(A) व्याघ्र
(B) दुर्जन
(C) सज्जन
(D) दानव

77. कालपर्यात् का क्षयं भवति ?
(A) शिक्षा
(B) विद्या
(C) धनम्
(D) पुस्तकम्

78. ‘कर्ण’ किसके पक्ष से युद्ध लड़ रहा था ?
(A) भीम
(B) पांडव
(C) राम
(D) हनुमान

79. अशान्तेः कारणं कति सन्ति ?
(A) एकम्
(B) द्वयम्
(C) त्रीणि
(D) चत्वारि

80. दुःख का विषय क्या है ?
(A) शान्तिः
(B) अशान्तिः
(C) पिब
(D) आतंकवादः

81. ‘अहन्’ में कौन लकार है ?
(A) लोट
(B) लङ्
(C) लृट्
(D) विधिलिङ्

82. ब्राह्मण रूप में कौन प्रवेश किया ?
(A) इन्द्र
(B) विष्णु
(C) कर्ण
(D) नारद

83. दानवीर कौन था ?
(A) कौरव
(B) अर्जुन
(C) शिव
(D) युधिष्ठिर

84. दुःखस्य विषयः किम् अस्ति ?
(A) अशांतिः
(B) सार्वभौमिकी अशांतिः
(C) शांतिः
(D) सार्वभौमिकी शांति

85. अशांति मानवता का क्या कर रही है ?
(A) उन्नति
(B) विनाश
(C) ऊपर
(D) नीचे

86. मानवता के विनाश का भय किससे है ?
(A) शस्त्र
(B) अशांति
(C) (A) और (B) दोनों
(D) इनमें से कोई नहीं

87. शास्त्राणि कस्य स्रोतः स्वरूपाणि सन्ति ?
(A) सांसारिकस्य
(B) ईश्वरस्य
(C) विद्यालयस्य
(D) समस्तज्ञानस्य

88. ‘पा’ धातु मध्यम पुरुष एकवचन का रूप कौन है ?
(A) पिबतु
(B) पिबसि
(C) हिंसा
(D) पिबे:

89. ‘निर्मलम्’ का संधि विच्छेद क्या होगा ?
(A) निः + मलम्
(B) नि + मलम्
(C) निर् + मलम्
(D) निस् + मलम्

 90. “वैरेण वैरस्य शमनम् असम्भव” यह किसकी उक्ति है ?
(A) महात्मा बुद्ध
(B) भगवान महावीर
(C) चन्द्रगुप्त
(D) कर्ण

91. न्यायदर्शन के प्रवर्तक कौन हैं ?
(A) कपिल
(B) गौतम
(C) कणाद
(D) पतञ्जलि

92. ‘आर्यभट्टीयम्’ किसकी रचना है ?
(A) पराशर की
(B) चरक की
(C) सुश्रुत की
(D) आर्यभट्ट की

93. भारतवर्ष में किसकी महती परम्परा सुनी जाती है ?
(A) पुस्तक
(B) ग्रंथ
(C) शास्त्र
(D) इनमें से कोई नहीं

94. ‘महीशः’ का संधि-विच्छेद क्या होगा ?
(A) मह + ईश:
(B) मही + ईशः
(C) मही + इशः
(D) मह + इशः

95. ‘शङ्करचरितम्’ इति जीवनचरित रचयित्री का ?
(A) क्षमारावः
(B) मिथिलेश कुमारी मिश्रः
(C) शांति देवी
(D) गंगा देवी

96. पिंगल किस वेदांङ्ग शास्त्र के प्रवर्तक आचार्य हैं ?
(A) ज्योतिष
(B) छन्द
(C) कल्प
(D) व्याकारण

97. चरक और सुश्रुत ने किस शास्त्र का प्रवर्तन किया ?
(A) आयुर्वेदशास्त्र
(B) वास्तुशास्त्र
(C) ज्योतिषशास्त्र
(D) कृषि विज्ञान

98. ‘कामसूत्र’ के लेखक कौन हैं ?
(A) जैमिनि
(B) वात्स्यायन
(C) कौटिल्य
(D) याज्ञवल्क्य

99. वर्ग में कौन प्रवेश करता है ?
(A) शिक्षक
(B) छात्र
(C) प्राचार्य
(D) लिपिक

100. कारुणिक के बिना किसकी गति नहीं है ?
(A) आलसियों की
(B) चोरों की
(A) धर्मों की
(D) वाचालों की

1- C 2-C  3-C  4-  A 5-C 6-D 7-A  8-A  9-A  10-C
11-A  12-A  13-A  14-A  15- C 16- D 17-B  18-C  19-C  20- D
21-C  22- A 23- D 24-D  25- B 26-A 27-C  28- A 29- D 30-A 
31-A 32-A 33-A  34-B 35- A 36- C 37- B 38 -A 39-D  40- A
41- C 42-D 43- A 44-D 45- C 46- B 47-A 48- A 49- C 50- B
51- A 52- B 53- A 54-D 55- A 56-B 57-B 58- D 59- A 60-B
61- C 62- B 63-C 64-A 65-A  66- C 67-A 68- D 69- A 70-C
71- B 72-B 73- B 74-B 75- A 76-A 77-A 78- A 79- B 80- B
81-B 82- A 83-C  84-B 85- B 86-B 87-D  88-B 89-A  90- A
91-B  92-D  93-C 94- B 95- A 96- B 97-A  98- B 99-A  100-A 
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खण्ड-ब (गैर-वस्तुनिष्ठ प्रश्न)
अपिठत गद्यांश ( 13 अंक)

1. अधोलिखित गद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर निर्देशानुसार दें-

(अ) संस्कृतसाहित्यं हि अति विशालं वर्तते । नानाकविभिः बहूनि महत्त्वपूर्णानि पुस्तकानि विरच्य अस्य श्रीः परिवर्धिता । संस्कृतसाहित्ये द्वे धारे प्रमुखरूपेण प्राप्येते । एका मनुष्यम् अध्यात्मार्गम् अनुसतुं प्रेरयति द्वितीया च धारा मनोरञ्जन साकं जीवनाय उपयोगिनम् उपदेशमपि ददाति । यथा नाटकसाहित्यम् । यद्यपि नाटकानि उपरितः मनोरंजनप्रधानानि भवन्ति परं तेषाम् अन्तः एकः महान् उपदेशः अपि निगूढ़ भवति । एतानि नाटकानि मनुष्यस्य मनसः निराशां दूरीकृत्य आशायाः संचारं कुर्वन्ति । सुख-दुःखयोः स्थितिः चक्रवत् परिवर्तनशीला भवति । एतयोः मध्ये न किमपि स्थायि भवति, नरः दुःखं निरीक्ष्य न कातरो भवेत्, अयं संदेशः एव कविभिः प्रकारान्तररूपेण प्रदीयते ।

प्रश्नाः
I. एकपदेन उत्तरत :
(i) संस्कृत-साहित्यं कीदृशं वर्तते ?
(ii) अस्य श्री: कैः परिवर्धिता ?

II. पूर्णवाक्येन उत्तरत :
(i) संस्कृतनाटकेषु कवीनां कः संदेशः वर्तते ?
(ii) नाटकानि कस्य संचारं कुर्वन्ति ?

III. अस्य गद्यांशस्य समुचितं शीर्षकं लिखत ।

उत्तराणि-
I. (i) अति विशालम्
   (ii) नानाकविभिः

II. (i) संस्कृतनाटकेषु अयम् सन्देशः वर्तते यत् नरः दु:खं निरीक्ष्य कातरः न भवेत्।
     (ii) नाटकानि आशायाः संचारं कुर्वन्ति ।

III. संस्कृत साहित्यम् । संस्कृतसाहित्यस्य द्वे धारे ।

अथवा

अस्मिन् पुरातने भारतवर्षे पुरा नाना उल्लेखनीयाः पतिव्रताः अभूवन यासां कीर्तिः अद्यापि चतुर्दिक्षु प्रसरति । भारतीयनार्याः अयमेव आदर्शः यत् सा मनसा यं पुरुषं वारमेकं वृणोति, सः एव तस्या पतिः कथ्यते । यदा सत्यवतः मृत्युदिनं समागतं तदा तस्य भार्या सावित्री स्वनिश्चये स्थिरा सती तेनैव साकम् अरण्यम् आगच्छत् । यदा च यमदेवः सत्यवतः प्राणान् अपहृत्य दक्षिणां दिशम् अगच्छत् तदा सावित्री अपि तमनुगतवती । यमदेवः सावित्र्याः अचलां निष्ठां दृष्ट्वा अत्यन्तं प्रसन्नोऽभूत् अवदच्च-अहं त्वयि प्रसन्नोऽस्मि । सत्यवतः प्राणान् मुक्त्वा अन्यं कमपि वरं याचस्व ।

प्रश्नाः
I. एकपदेन उत्तरत :
(i) सत्यवतः पत्न्याः नाम किम् ?
(ii) मृत्युदिवसे सावित्री कुत्र अगच्छत् ?

II. पूर्णवाक्येन उत्तरत :
(i) भारतीयनार्याः कः आदर्शः ?
(ii) प्रसन्नः यमः किम् अवदत् ?

III. अस्य गद्यांशस्य उचितं शीर्षकं लिखत ।

उत्तराणि-
I.(i) सावित्री
   (ii) अरण्यम्

II. (i) भारतीय नार्याः अयमेव आदर्शः यत् सा मनसा यम् पुरुषम वारमेक एक वृणोति, सः एव तस्याः पतिः कथ्यते ।
     (ii) प्रसन्नः यमः अवदत्-“अहं त्वयि प्रसन्नोऽस्मि । सत्यवतः प्राणान् मुक्त्वा अन्यं कमपि वरं याचस्व ।”

III. भारतीया नारी/पतिव्रता सावित्री/भारतीय नार्याः आदर्शः ।

 

   (ब) पुरा दाक्षिणात्ये जनपदे गौतमी-नाम्नी एका विधवा नारी निवसति स्म । एकदा सा स्वपुत्रेण सह गहनं वनम् अगच्छत् । तत्र तस्याः बालकः वने समुत्पन्नानि मधुराणि फलानि खादन् अतीवप्रसन्नः अभवत् । अत्रान्तरे वने इतोस्ततः भ्रमन्तं गौतमीपुत्रं सहसा कस्माच्चन बिलात् निर्गतः कृष्णसर्पः दंष्ट्वान् । दंशसमकालमेव स बालकः प्राणान् अत्यजत् । स्वप्रियं पुत्रं मृते वीक्ष्य गौतमी तारस्वरेण रोदितुम् आरब्धवती । गंभीर मानसिकं दुःखं सोढुमसमर्था सा भगवतः बुद्धस्य आश्रमं गत्वा मृतं पुत्रं पुनः उज्जीवयितुम् प्रार्थितवती । बुद्धस्तु तां शाश्वतं सत्यम् उपादिशन् अकथयत् यत् जातस्य हि निधनम् अवश्यमेव भवति । एतस्मात् कारणात् अयं लोकः मर्त्यलोकः कथ्यते । अतः त्वं शोकं मा कुरु । मृतः प्राणी न कदापि जीवति ।

प्रश्नाः
I. एकपदेन उत्तरत :
(i) वनं कीदृशम् आसीत् ?
(ii) कृष्णसर्पः कुतः निर्गतः ?

II. पूर्णवाक्येन उत्तरत :
(i) बुद्धः गौतमी किम् अकथयत् ?
(ii) गौतम्या किं प्रार्थितम् ?

उत्तराणि-

I. (i) गहनम्
    (ii) बिलात्

II. (i) बुद्धः गौतमीम् अकथयत्-“जातस्य हि निधनम् अवश्यमेव भवति । एतस्मात् कारणात् अयं लोकः मर्त्यलोकः कथ्यते । अतः त्वं शोकं मा    कुरु । मृतः प्राणी न कदापि जीवति ।”
    (ii) गौतम्या मृतं पुत्रम् पुनः उज्जीवयितुम् प्रार्थितम् ।

अथवा

विश्वस्य सर्वे वैज्ञानिकाः एतादृशानां भीषणास्त्राणां विकासे तत्पराः सन्ति येषां प्रयोगेण शत्रुदेशः शीघ्रं पराजितः भवेत् । अद्य प्रत्येक देशः आणविकास्त्रैः सम्पन्नः भवितुम इच्छन्ति । एतानि अस्त्राणि कीदृशीं विनाशलीलां कुर्वन्ति, इदं जापानदेशः सम्यक् जानाति । सर्वाधिकाम् शक्ति प्राप्तुं वर्धमाना एषा प्रतिस्पर्धा विश्वमानवम् कुत्र नेष्यति इति कोऽपि मानवः न जानाति । भीषणा धनजनहानिः दूषितं वातावरणम्, असाध्यरोगाणाम् उत्पत्तिः एते सन्ति युद्धस्य दुष्परिणामाः । इदं जानन् अपि नरः अभिमानमदिरां पीत्वा निमीलितनेत्रः यथेच्छम् आचरति ।
तेन कृतानाम् अपराधानाम् कुफलं वराकी मानवता भुङ्क्ते । इयमेव अस्ति तस्याः नियतिः ।

प्रश्नाः
I. एकपदेन उत्तरत :
(i) विश्वस्य देशः केषां विकासे तत्पराः सन्ति ?
(ii) कः देशः अस्त्राणां विनाशलीला सम्यक् जानाति ?

II. पूर्णवाक्येन उत्तरत :
(i) युद्धस्य के दुष्परिणामाः सन्ति ?
(ii) का स्पर्धा विश्वमानवं विनाशगर्ने नेष्यति ?

उत्तराणि-
I.  (i) भीषणास्त्राणाम्
     (ii) जापान देशः

II. (i) भीषणा धनजनहानिः, दूषितं वातावरणम्, असाध्यरोगाणाम् उत्पत्तिः, एते युद्धस्य दुष्परिणामाः सन्ति ।
     (ii) सर्वाधिक शक्ति प्राप्तुं वर्धमाना एषा प्रतिस्पर्धा विश्वमानवं विनाशगर्ते नेष्यति ।

 

संस्कृते पत्रलेखनम् (08 अंक)

2. निम्नलिखित में से किन्ही दो प्रश्नों के उत्तर लिखें: 2×4=8

(i) छात्रावास में स्थान प्राप्ति हेतु विद्यालय के प्राचार्य को आवेदन-पत्र संस्कृत में लिखें।
उत्तर-

सेवायाम्
             प्रधानाचार्याः
              दयानन्द विद्यालयः मीठापुर, पटना
महोदया:
         सविनयं निवेदनमस्ति यत् अहं भवतः विद्यालयस्य दशमवर्गस्य छात्रः अस्मि अहं ग्रामात् प्रतिदिनं विद्यालयं आगच्छामि । ग्रामात् विद्यालयः त्रयः क्रोशम् । अहं परिश्रान्तः भवामि । अध्ययने व्यवधानः भवति । अतः अहं छात्रावासे स्थानमिच्छामि । विद्यालयस्य छात्रावासे स्थितित्वा अध्ययनं कर्तुं मम तीव्रः अभिलाषः । भवान् स्वकीयं विद्यालयस्य छात्रावासे प्रवेशं दत्त्वा मयि
अनुग्रहं करोतु । भवतः महती कृपा भविष्यति ।
धन्यवादाः
7.3.2022

भवताम् शिष्यः

दिवेश:

(ii) विद्यालय में खेल-प्रबंधन में सुधार हेतु प्रधानाध्यापक को संस्कृत में आवेदन पत्र लिखें।
उत्तर-

सेवायाम्,
             प्रधानाचार्य
              सर्वोदयः विद्यालयः

श्रीमन्तः
      सविनय निवेदनम् अस्ति अहम् भवतः विद्यालये दशमीकक्षायाः छात्रः अस्मि । विद्यालयस्य प्राङ्गणे एव क्रीडाक्षेत्रम् अस्ति तथापि क्रीड़ायाः समुचितः प्रबन्धः नास्ति । क्रीडणाय द्वौ कालांशौ निर्धारितः परन्तु कोऽपि क्रीडा क्षेत्रे न भवति । एतोकालाशौ परस्पर वर्तालापेन व्यर्थः व्यतीतः ।
अतः भवान् एतदर्थम् क्रीड़ा-सामग्रीम् क्रीत्वा प्रशिक्षकेण सह क्रीडायाः समुचितम् प्रबंधम् कृत्वा अस्मान् अनुग्रहणन्तु ।
धन्यवादाः
दिनांक: 05-02-2022

भवताम् आज्ञाकारी शिष्यः
गोपाल

(iii) निर्धन छात्रकोष से आर्थिक मदद की माँग करते हुए विद्यालय के प्राचार्य को संस्कृत में आवेदन पत्र लिखें।
उत्तर-

सेवायाम्
           श्रीमान् प्रधानाचार्या महोदया
            राजकीयकृत बालिका विद्यालयः
            बाँकीपुर, पटना ।
मान्याः
         नम्र निवेदनमस्ति यत् अहम् अत्र भवतः विद्यालयस्य दशमकक्षायाः छात्रः अस्मि । मम पिता दिव्यांग अतः असौ कार्यकरणे सर्वथा असमर्थः । मम माता अन्येषां गृहाणि गत्वा पात्रसम्मानर्जनं करोति । काठिन्येन च प्रतिमासं पञ्चशतक रुप्यकाणि अर्जति । अतः मम विनम्रा प्रार्थना अस्ति यह भवन्तः मह्यं कामपि छात्रवृत्तिं यच्छेयुः उपकारञ्च कुर्युः ।
धन्यवाद

तिथिः 8.2.2022

भवतां शिष्या
अनुराधा

(iv) अपने उत्तम परीक्षा-फल का विवरण देते हुए पिता को संस्कृत में पत्र लिखें।
उत्तर-

पाटलिपुत्रात्
10.2.2022

परमादरणीयाः
पितृमहाभागाः
                सादरं प्रणामाः
                             अत्र कुशलं तत्रास्तु । निवेदनम् यत् मम वार्षिक परीक्षा समाप्ता जाता । मम उत्तरपत्राणि शोभनानि अभवन् । अहं प्रथम प्रेणीः प्राप्तुमिति आश्वस्तामि । भगवदेच्छा परम् । शेष सर्वं कुशलम् । पूजनीया मातृचरणयोः मम प्रणाम
सन्तु।

भवदीय आज्ञाकारी पुत्रः
सत्यम

संस्कृते अनुच्छेद-लेखनम् (07 अंक)

3. निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर सात वाक्यों में एक अनुच्छेद लिखें:
(क) वाल्मीकिः
(ख) रामायणम्
(ग) ए. पी. जे. अब्दुल कलामः
(घ) परोपकारः
(ङ) पाटलिपुत्रम्

उत्तर-

(क) वाल्मीकिः

महर्षि वाल्मीकिः रामायणस्य रचयिता अस्ति । अयमेव सर्वप्रथमं काव्यस्य रचनाम् अकरोत् । अतः महर्षि वाल्मीकिः आदिकवि इति नाम्ना अपि विख्याता अस्ति । अस्य रामायणं काव्यं आदिकाव्यम् मन्यते । अस्य आश्रमः तमसा नद्याः तीरे आसीत् । अयं महर्षि भगवतः श्रीरामस्य समकालिकः आसीत् । अयम् एकः महान् कविः चिन्तकः दार्शनिकः विद्वान् च आसीत् ।

(ख) रामायणम्

महर्षिणा वाल्मीकिना विरचितम् रामायणम् एकं महाकाव्यम् अस्ति । सप्तकाण्डात्मकं रामायणं भारतीयानां राष्ट्रियकाव्यम् । संततुलसीदासस्य रचना मानसरामचरितम् अपि महाकाव्यम् अस्ति । मानसरामचरितमहाकाव्यम् अवधीभाषायाम् अस्ति परञ्च रामायणम् संस्कृतभाषायां वर्तते । रामायणे रामस्य सम्पूर्ण जीवनचरितं वर्णितम् अस्ति ।

(ग) ए. पी. जे. अब्दुल कलामः

अस्माकं देशे अनेके महापुरुषाः अभवन् । तेषु ए.पी.जे अब्दुल कलामः एकः श्रेष्ठतमः वैज्ञानिकः आसीत् । अस्य जन्म तमिलनाडूप्रदेशस्य रामेश्वरम् नाम्नि स्थानेऽभवत् । अयं ‘मिसाइल मैन” नाम्ना ज्ञायन्ते । भारतीयं विज्ञानक्षेत्रे अस्य अभूतपूर्वं योगदानम् अस्ति । राष्ट्रपतिः भूत्वा देशस्य सेवाम् अकरोत् । अद्य सः मृत्वा अपि अमरः अस्ति ।

(घ) परोपकारः

अन्यस्य जनस्य हिताय यत् कर्म क्रियते तदैव परोपकारः । यस्य केवला स्वार्थबुद्धिः सः तु राक्षसः मन्यते । यः खलु स्वार्थ सेवमानः परार्थमपि चिन्तयति सः एव प्रशंस्यः । कथितञ्च–’धनानि जीवितञ्चैव परार्थे प्राज्ञ उत्सृजेत् ।’  समृद्धिभिः सत्पुरुषाः फलोद्गमैः तरुभिः समं नम्राः भवन्ति । सज्जनानाम् आगमनं परोपकाराय एव भवति । सः भगवान् इव साधूनां परित्राणाय भूमौ अवतरति । परमार्थेन स्वार्थः तु स्वयमेव सिध्यति । अतः अस्माभिः परोपकार-प्रवणैः भवितव्यम् ।

(ङ) पाटलिपुत्रम्

बिहारराज्यस्य राजधानीनगरं पाटलिपुत्रं सर्वेषु कालेषु महत्त्वम धारयत् । अस्येतिहासः सार्धसहस्रद्वयवर्षपरिमितः वर्तते । अत्र धार्मिकक्षेत्रं राजनीतिक्षेत्रम् उद्योगक्षेत्रं च विशेषेण ध्यानाकर्षकम् । वैदेशिकाः यात्रिणः मेगास्थनीज फाह्यान-ह्वेनसांग-इत्सिंगप्रभृतयः पाटलिपुत्रस्य वर्णनं स्व-स्व संस्मरणग्रन्थेषु चक्रुः। अस्योतरस्यां दिशि गङ्गा नदी प्रवहति । तस्या उपरि गाँधीसेतुर्नाम एशियामहादेशस्य दीर्घतमः सेतुः किञ्च रेलयानसेतुरपि निर्मीयमानो वर्तते । नगरेऽस्मिन् उत्कृष्टः संग्रहालयः उच्चन्यायालयः सचिवालयः, गोलगृहम्, तारामण्डलम्, जैविकोद्यानम्, मौर्यकालिकः अवशेषः, महावीरमन्दिरम् इत्येते दर्शनीय सन्ति ।

संस्कृते अनुवादम् (06 अंक)

4. अधोलिखित में से किन्हीं छः वाक्यों का अनुवाद संस्कृत में करें:
(क) वह पढ़ने के लिए विद्यालय जाता है ।
(ख) राजा राज्य को चोर से बचाता है ।
(ग) राजा ब्राह्मण को गाय देता है ।
(घ) राम एक आँख से काना है ।
(ङ) राम स्वभाव से सज्जन है
(च) भगवान् के बिना सुख नहीं है ।
(छ) मूर्ख अध्ययन से भागता है ।
(ज) सीता राम की पत्नी थी ।
(झ) पटना का गोलघर प्रसिद्ध है।
(ञ) पटना का संग्रहालय दर्शनीय है।
(ट) हमें व्याकरण पढ़ना चाहिए ।
(ठ) राम लक्ष्मण एवं सीता के साथ वन गये ।

उत्तर-

(क) सः पठनाय विद्यालयं गच्छति ।
(ख) राजा चौरात् राज्यं रक्षति ।
(ग) नृपः ब्राह्मणाय गां ददाति ।
(घ) रामः अक्ष्णा काणः अस्ति ।
(ङ) रामः प्रकृत्यः सुशीलः ।
(च) भगवद् बिना सुखं नास्ति ।
(छ) मूर्ख अध्ययनात् पलायति ।
(ज) सीता रामस्य पत्नी आसीत् ।
(झ) पाटलिपुत्रस्य गोलगृहं प्रसिद्ध अस्ति ।
(ब) पाटलिपुत्रस्य संग्रहालयः दर्शनीयः वर्तते ।
(ट) वयं व्याकरणं पठेयुः ।
(ठ) राम लक्ष्मणः सीतया सह वनं अगच्छन् । 

लघु उत्तरीय प्रश्न (16 अंक)

5. निम्नलिखित में से किन्हीं आठ प्रश्नों के उत्तर दें : 
(क) “शास्त्रकाराः’ पाठ में वर्णित वैज्ञानिक शास्त्रों पर प्रकाश डालें।
उत्तर-प्राचीन भारत में विज्ञान की विभिन्न शाखाओं के शास्त्रों की स्थापना हुई है । आयुर्वेद में चरक संहिता, सुश्रुत संहिता के शास्त्रकार नाम
से ही प्रसिद्ध हैं । वहीं रसायन विज्ञान और भौतिक विज्ञान अन्तर्भूत है। ज्योतिष शास्त्र में खगोल विज्ञान, गणित आदि हैं । आर्यभट्ट का ग्रंथ आर्यभट्टीय, वाराह मिहिर का वृहत्संहिता विशाल ग्रंथ है, जहाँ अनेक विषय समन्वित हैं कृषि-विज्ञान पराशर के द्वारा रचा गया है । प्राचीन भारत का गौरव सर्वथा समृद्ध है

(ख) महात्मा बुद्ध के अनुसार वैर की शांति कैसे संभव है ?
उत्तर-महात्मा बुद्ध के अनुसार वैर की शांति निर्वैर, करुणा व मैत्री भाव से ही संभव हो सकती है ।

(ग) ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की अवधारणा क्यों आवश्यक है ?
उत्तर-अशान्ति का प्रमुख कारण द्वेष और असहिष्णुता है । आज हर देश दूसरे देश की उन्नति को देखकर ईर्ष्या की अग्नि से जल रहा है । उसकी उन्नति को नष्ट करने के लिए छल-प्रपंच आदि का सहारा ले रहा है। आयुधों की होड़ में आज मानवता विनष्ट हो रही है । निर्वैर से शान्ति की कल्पना की जा सकती है । अतः परोपकार, सहिष्णुता आदि को धारण कर ही अशान्ति को दूर किया जा सकता है । अतः वर्तमान में ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की अवधारणा अत्यन्त आवश्यक है ।

(घ) ‘भारतमहिमा’ पाठ के आधार पर भारतीय मूल्यों की विशेषता पर प्रकाश डालें।
उत्तर-भारत का प्राकृतिक सौन्दर्य स्वर्ग-सा है । यह देवताओं, ऋषियों एवं महापुरुषों की अवतरण भूमि है । इसकी महिमा का वर्णन विष्णुपुराण एवं भागवतपुराण में देखने को मिलता है । भारतभूमि पर अवतरित होनेवाला मनुष्य निश्चय ही धन्य है । हमारी भारत भूमि विशाल, रम्यरूपा और कल्याणप्रद है । अत्यन्त शोभनीय और संसार का गौरव भारत हम सबों के द्वारा सदैव पूजनीय है । यहाँ धर्म, जाति के भेदों को भूलाकर एकता एवं सहिष्णुता का पाठ पढ़ाया जाता है । हम भारतीय सदैव कहते हैं-वसुधैव कुटुम्बकम् अर्थात् सम्पूर्ण पृथ्वी ही हमारा परिवार है ।

(ङ) ‘वेदांग’ संख्या में कितने हैं ?
उत्तर-वेदाङ्गशास्त्र छः हैं । वे शिक्षा, कल्प, व्याकरण, निरुक्त, छन्द और ज्योतिष हैं । शिक्षा उच्चारण प्रक्रिया का ज्ञान कराती है । कल्प सूत्रात्मक कर्मकाण्ड ग्रंथ है । व्याकरण वर्ण, शब्द, वाक्य आदि का अध्ययन कराता है । निरुक्त का कार्य वेद के अर्थ का बोध कराना है । छन्द सूत्र ग्रंथ है । ज्योतिष वेदांग ज्योतिष ग्रंथ है।

(च) ‘नीतिश्लोकाः’ पाठ से किसी एक श्लोक को साफ-साफ शब्दों में लिखें।
उत्तर- तत्त्वज्ञः सर्वभूतानां योगज्ञः सर्वकर्मणाम् । उपायज्ञो मनुष्याणां नरः पण्डित उच्यते ।।

(छ) ‘नीतिश्लोकाः’ पाठ के आधार पर ‘मूढ़चेता नराधम्’ के लक्षणों को लिखें।
उत्तर-नीच मनुष्य का अभिप्राय निम्न जाति में जन्म लेने वाले से नहीं है। सत् और असत् कर्मों में संलग्न रहने वाला मनुष्य भी नीच की श्रेणी में नहीं आता है । जो बिना बुलाये हुए किसी सभा में प्रवेश करता है, बिना पूछे हुए बहुत बोलता है, नहीं विश्वास करने वाले पर भी बहुत विश्वास करता है, ऐसा पुरुष ही नीच श्रेणी में आता है ।

(ज) “शिक्षा कर्म जीवनस्य परमागतिः” रामप्रवेश राम पर उपरोक्त कथन कैसे घटित होता है ?
उत्तर-रामप्रवेश राम एक कर्मवीर एवं निर्धन छात्र था । वह कष्टकारक जीवन जीते हुए अध्ययनशील था। वह पुस्तकालयों में अध्ययन किया करता था । वह अपने से नीचे वर्ग के छात्रों को ट्यूशन पढ़ाकर जीवन-यापन करता था । परिणामस्वरूप केन्द्रीय प्रशासनिक सेवा की परीक्षा में सर्वोच्च स्थान प्राप्त  करने में वह सफल रहा । इस प्रकार ‘शिक्षा कर्म जीवनस्य परमागतिः’ की उक्ति राम प्रवेश राम पर अक्षरशः घटित हुई प्रतीत होती है ।

(झ) “ज्ञानं भारः क्रियां विना” यह उक्ति व्याघ्र पथिक कथा पर कैसे चरितार्थ होती है ?
उत्तर-वृद्ध व्याघ्र हाथ में सुवर्णकंगन लेकर पथिक को अपनी ओर आकृष्ट करता है । पथिक निर्धन होने के बावजूद व्याघ्र पर विश्वास
नहीं करता। तब व्याघ्र द्वारा सटीक तर्क दिये जाने पर पथिक संतुष्ट होकर कंगन ले लेना उचित समझता है । व्याघ्र द्वारा स्नान कर ग्रहण करने की बात स्वीकार कर पथिक महाकीचड़ में गिर जाता है और व्याघ्र द्वारा मारा जाता है । इस प्रकार यह उक्ति ‘ज्ञानं भारः क्रिया विना’ व्याघ्रपथिक कथा के पात्र पथिक पर सत्य चरितार्थ होती है ।

(ञ) स्वामी दयानंद की शिक्षा-व्यवस्था का वर्णन करें।
उत्तर-स्वामी दयानंद ने अपनी शिक्षा से अभिप्रेरित होकर समाज में नई शिक्षा प्रणाली को प्रोत्साहित किया। वैदिक साहित्य के साथ-साथ पाश्चात्य वैज्ञानिक शिक्षा को आवश्यक मानते हुए नई व्यवस्था प्रारंभ की । उन्होंने अपनी शिक्षा में स्त्री-शिक्षा, छुआछूत, बालविवाह और कर्मकांड का निषेध किया ।

(ट) दामोदर गुप्त ने पटना के सम्बन्ध में क्या लिखा है ?
उत्तर-कवि दामोदर गुप्त के अनुसार पाटलिपुत्र (पटना) महानगर पृथ्वी पर बसे नगरों में श्रेष्ठ है । यहाँ सरस्वती के वंशज यानी विद्वान लोग बसते हैं । कवि ने इस महानगर की तुलना इन्द्र की भरी पुरी नगरी से की है।

(ठ) पटना में कौमुदी महोत्सव कब मनाया जाता था ?
उत्तर-पाटलिपुत्र में शरत्काल में कौमुदी महोत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया जाता था । सभी नगरवासी आनंदमग्न हो जाते थे । इस समारोह का
विशेष प्रचलन गुप्तवंश के शासनकाल में था। आजकल जिस तरह दुर्गापूजा मनाया जाता है, उसी प्रकार प्राचीनकाल में कौमुदी महोत्सव मनाया जाता था।

(ड) महान् लोग संसाररूपी सागर को कैसे पार करते हैं ?
उत्तर-श्वेताश्वतर उपनिषद् में ज्ञानी लोग और अज्ञानी लोग में अंतर स्पष्ट करते हुए महर्षि वेदव्यास कहते हैं कि अज्ञानी लोग अंधकारस्वरूप और ज्ञानी लोग प्रकाशस्वरूप हैं । महान् लोग इसे समझकर मृत्यु को पार कर जाते हैं, क्योंकि संसाररूपी सागर को पार करने का इससे बढ़कर अन्य कोई रास्ता नहीं है।

(ढ) ‘अलसकथा’ पाठ में वास्तविक आलसियों की पहचान कैसे हुई?
उत्तर-अलसकथा के अनुसार वास्तविक आलसियों की पहचान के लिए अलसशाला में आग लगा दी गई। आग लगने पर चार वास्तविक आलसियों को छोड़कर शेष सभी भाग गए ।

(ण) शैशव संस्कारों पर प्रकाश डालें।
उत्तर-भारतीय संस्कार के अनुसार शैशवकाल के छः संस्कार हैं-इनमें (उस समय) गर्भरक्षा, गर्भस्थ शिशु में संस्कार की स्थापना तथा गर्भवती की प्रसन्नता के प्रयोजन की कल्पना की जाती है। शैशव संस्कारों में क्रमशः जातकर्म, नामकरण, निष्क्रमण, अन्नप्राशन, चूडाकर्ण एवं कर्णवेध हैं।

(त) शास्त्र लेखन एवं रचना-संरक्षण में वैदिककालीन महिलाओं के योगदानों की चर्चा करें।
उत्तर-वैदिककाल में शास्त्र-लेखन एवं रचना संरक्षण में पुरुषों की तरह महिलाओं ने भी काफी योगदान दिया है । ऋग्वेद में चौबीस और अथर्ववेद
में पाँच महिलाओं का योगदान है । यमी, अपाला, उर्वशी, इन्द्राणी और वागम्भृणी वैदिककालीन ऋषिकाएँ भी मंत्रों की दर्शिकाएँ थीं ।

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