Bihar Board 10th Hindi Model Paper 2023 | बिहार बोर्ड मैट्रिक हिन्दी मॉडल पेपर 2023 | 10th Hindi Model Set 2023

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Bihar Board 10th Hindi Model Paper 2023

SECONDARY SCHOOL EXAMINATION
2023 – (ANNUAL)
Model Paper – 3
मातृभाषा हिन्दी (HINDI – MT)

Time : 03Hrs. 15 Minutes
समय : 03 घंटे 15 मिनट
Total No of Question :- 60+6= 66
कुल प्रश्नों की संख्या :- 60+6= 66

परीक्षार्थियों के लिए निर्देश :-

1. परीक्षार्थी यथासंभव अपने शब्दों में ही उत्तर दें 
2. दाहिनी ओर हाशिये पर दिये हुए अंक पूर्णांक निर्दिष्ट करते हैं।
3. उत्तर देते समय परीक्षार्थी यथासंभव शब्द सीमा का ध्यान रखें
4. इस प्रश्न पत्र को पढ़ने के लिए परीक्षार्थियों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया गया है।
5. यह प्रश्नपत्र दो खण्डों में है – खण्ड-अ एवं खण्ड-ब।

6. खण्ड अ में 100 वस्तुनिष्ठ प्रश्न हैं। इनमें से किन्हीं 50 प्रश्नों का उत्तर देना है। यदि कोई परीक्षार्थी 50 से अधिक प्रश्नों का उत्तर देते हैं तो प्रथम 50 प्रश्नों का ही मूल्यांकन किया जाएगा। प्रत्येक के लिए 1 अंक निर्धारित है। इनका उत्तर उपलब्ध कराये गये OMR उत्तर-पत्रक में दिये गये सही वृत्त को काले/नीले बॉल पेन से भरें। किसी भी प्रकार के हाइटनर/तरल पदार्थ/ब्लेड/नाखून आदि का उत्तर पुस्तिका में प्रयोग करना मना है, अन्यथा परीक्षा परिणाम अमान्य होगा।
7. खण्ड–ब में कुल 06 विषयनिष्ठ प्रश्न हैं। प्रत्येक प्रश्न के सामने अंक निर्धारित हैं। 
8. किसी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का प्रयोग पूर्णतया वर्जित है।

खण्ड-अ (वस्तुनिष्ठ प्रश्न)
प्रश्न संख्या 1 से 60 तक के प्रत्येक प्रश्न के साथ चार विकल्प दिए गए हैं, जिनमें से कोई एक सही है। इन 60 प्रश्नों में से किन्हीं 50 प्रश्नों द्वारा चुने गये सही विकल्प को OMR उत्तर–पत्रक पर चिह्नित करें।                     50X1 = 50

(A) अस्वाभाविक
(B) प्राकृतिक
(C) स्वाभाविक
(D) संवैधानिक

2. हकर्स थे
(A) वनस्पति वैज्ञानिक
(B) भूगर्भशास्त्री
(C) प्राणिवैज्ञानिक
(D) पुरातत्त्वविद

3. जाति प्रथा के अनुसार श्रम-विभाजन का आधार क्या है ?
(A) मनुष्य की रुचि
(B) रोजगार सृजन
(C) पैतृक पेशा
(D) कौशल क्षमता

4. किससे मोटर की चमक-दमक को कोई खतरा नहीं था ?
(A) खोखा से
(B) मदन से
(C) पड़ोस के बच्चों से
(D) सेन साहब की पुत्रियों से

Bihar Board 10th Hindi Model Paper 2023

5. देवनागरी लिपि क्या है ?
(A) अक्षरात्मक लिपि
(B) वर्णनात्मक लिपि
(C) चित्र लिपि
(D) सूत्र लिपि

6. ‘ब’ ध्वनि का उच्चारण स्थान क्या है?
(A) कंठ
(B) ओष्ठ
(C) दन्त
(D) मूर्द्धा

7. समूह वाचक संज्ञा है-
(A) सभा
(B) घोड़ा
(C) दयालु
(D) सोना

8. ‘हिमालय’ शब्द कौन-सी संज्ञा है?
(A) जातिवाचक
(B) व्यक्तिवाचक
(C) समूहवाचक
(D) भाववाचक

9-सेन साहब के पुत्रियों में से एक थी
(A) आरती
(B) भारती
(C) गायत्री
(D) बंटी

10. श्रम विभाजन और जाति प्रथा’ गद्य की कौन-सी विधा है ?
(A) कहानी
(B)निबंध
(C) शब्द-चित्र
(D) डायरी

Bihar Board 10th Hindi Model Paper 2023

11. मैक्समूलर ने मानव सभ्यता का मूल स्रोत किसे माना ?
(A) भौतिक ज्ञान को
(B) पाश्चात्य सभ्यता के ज्ञान को
(C) वैदिक तत्वज्ञान को
(D) विश्व इतिहास के ज्ञान को

12. ‘भारत से हम क्या सीखें गद्य पाठ का जर्मन भाषा से हिन्दी में भाषान्तरण किसने किया है?
(A) रामविलास शर्मा
(B) गुणाकर मूले
(C) अशोक वाजपेयी
(D) डॉ० भवानीशंकर त्रिवेदी

13. ‘कामसूत्र’ किसकी रचना है ?
(A) वात्स्यायन
(B) हजारी प्रसाद द्विवेदी
(C) गुणाकर मूले
(D) भीमराव अंबेदकर

14 ‘गिरीश’ में कौन-सी सन्धि है?
(A) गुण
(B) वृद्धि
(C) दीर्घ
(D) अयादि

15. ‘अत्यन्त’ का सन्धि-विच्छेद है-
(A) अति + आन्त
(B) अति + अन्त
(C) अत + अन्त
(D) अत: + अन्त

Bihar Board 10th Hindi Model Paper 2023

16. निम्नलिखित में से किस शब्द में यण सन्धि है?
(A) संशय
(B) सूर्योदय
(C) अत्याचार
(D) राकेश

17. ‘सत्यार्थी’ का सन्धि-विच्छेद होगा
(A) सत्य + अथी
(B) सत्य + अर्थी
(C) सत्यः अर्थी
(D) सत्या + र्थी

18. पहले के मनुष्य नाखून क्यों बढ़ाते थे ?
(A) अपनी रक्षा के लिए
(B) सुन्दर लगने के लिए
(C) कुरूप लगने के लिए
(D) दूसरों की रक्षा के लिए

19. गुणाकर मूले का जन्म किस राज्य में हुआ था ?
(A) बिहार
(B) उत्तर-प्रदेश
(C) महाराष्ट्र
(D) मध्य प्रदेश

20. गुणाकर मूले की प्रारंभिक शिक्षा किस परिवेश में हुई थी ?
(A) नगरीय
(B) ग्रामीण
(C) उच्चस्तरीय
(D) इनमें से कोई नहीं

Bihar Board 10th Hindi Model Paper 2023

21. अमरकांत का जन्म किस राज्य में हुआ ?
(A) मध्य प्रदेश
(B) आंध्र प्रदेश
(C) उत्तर प्रदेश
(D) बिहार

22. ‘अमरकांत’ ने सतीशचंद्र कॉलेज बलिया से इंटरमीडिएट कब किया ?
(A) 1945
(B) 1946
(C) 1846
(D) 1845

23. साहित्य की परम्परा का मूल्यांकन करते हुए सबसे पहले हम किस साहित्य का मूल्य निर्धारित करते हैं ?
(A) जो श्रमिक जनता के हितों को प्रतिबिम्बित करता है
(B) जो पूँजीपतियों के हितों को प्रतिबिम्बित करता है
(C) जो श्रम-विभाजन को बढ़ावा देता है
(D) जो जातिवाद का पोषक है।

24. ‘सुख-दुख’ में कौन-सा समास है ?
(A) द्वन्द्व
(B) द्विगु
(C) अव्ययीभाव
(D) कर्मधारय

25. ‘संगीतज्ञ’ में समास है
(A) द्विगु
(B) द्वन्द्व
(C) कर्मधारय
(D) तत्पुरुष

Bihar Board 10th Hindi Model Paper 2023

26. ‘यथासाध्य’ में कौन-सा समास है ?
(A) द्वन्द्व
(B) अव्ययीभाव
(C) कर्मधारय
(D) तत्पुरुष

27. ‘चतुर्वेद’ में समास बताइए
(A) द्विगु
(B) कर्मधारय
(C) द्वन्द्व
(D) अव्ययीभाव

28. ‘उज्जयिनी’ शब्द में कौन-सा उपसर्ग है?
(A) उप
(B) अप
(C) अपि

29. साहित्य में विकास प्रक्रिया किस तरह सम्पन्न होती है ?
(A) समाज की तरह
(B) जंगल की तरहह
(C) शहर की तरह
(D) परिवार की तरह

30. ‘जित-जित मैं निरखत हूँ’ पाठ का संबंध किससे है ?
(A) शंभु महाराज
(B) लच्छू महाराज
(C) बिरजू महाराज
(D) किशन महाराज

Bihar Board 10th Hindi Model Paper 2023

31. ‘जित-जित मैं निरखत हूँ’ किसकी रचना है ?
(A) अमरकांत
(B) बिरजू महाराज
(C) रामविलास शर्मा
(D) मैक्समलर

Bihar Board Hindi Model Paper 2022

32. अशोक वाजपेयी ‘ला शत्रूज’ में कितने दिनों तक रहे ?
(A) उन्नीस दिन
(B) सात दिन
(C) एक महीना
(D) बीस दिन

33. अशोक वाजपेयी ने 24 अक्टूबर से 10 नवम्बर, 1994 तक कुल कितनी रचनाएँ की ?
(A) 5 कविता, 7 गद्य
(B) 15 कविता, 17 गद्य
(C) 25 कविता, 27 गद्य
(D) 35 कविता, 27 गद्य

34. ‘सज्जन’ में कौन-सा उपसर्ग है ?
(A) सम
(B) स
(C) सत्
(D) सु

35. “निरभिमान’ में कौन-सा उपसर्ग प्रयुक्त हुआ है ?
(A) निर
(B) नि
(C) अभि
(D) अपि

Bihar Board 10th Hindi Model Paper 2023

36. ‘समाविष्ट’ में किस उपसर्ग का प्रयोग हुआ है ?
(A) स
(B) सत्
(C) सम्
(D) सु

37. दाता’ में प्रत्यय बताइए
(A) आ
(B) आऊ
(C) ता
(D) ऐया

38. विनोद कुमार शुक्ल को साहित्य अकादमी पुरस्कार कब मिला था?
(A) 1992 ई०
(B) 1937 ई०
(C) 1940 ई०
(D) 1990 ई०

39. झोले में कितनी मछलियाँ थीं ?
(A) पाँच
(B) तीन
(C) दो
(D) छह

Bihar Board 10th Hindi Model Paper 2023

40. ‘यतीन्द्र मिश्र’ का जन्म कब हुआ था ?
(A) 1977
(B) 1897
(C) 1918
(D) 1919

41. ‘यतीन्द्र मिश्र’ का जन्म किस प्रदेश में हुआ ?
(A) मध्य प्रदेश
(B) उत्तर प्रदेश
(C) बिहार
(D) राजस्थान

42. ‘हरिजन’ के सम्पादक कौन थे?
(A) माखनलाल चतुर्वेदी
(B) महात्मा गाँधी
(C) डॉ० विद्यानिवास मिश्र
(D) अज्ञेय

43. ‘होनहार’ में किस प्रत्यय का प्रयोग हुआ है ?
(A) ता
(B) ऐया
(C) हार
(D) अक

44. निम्नलिखित में से सही शब्द का चुनाव कीजिए ।
(A) प्राक्कथन
(B) प्रक्कथन
(C) प्राकथन
(D) प्रकाषन

45. निम्नलिखित में से सही शब्द का चुनाव कीजिए।
(A) परिणति
(B) परीणीत
(C) परणिति
(D) परीणीत

Bihar Board 10th Hindi Model Paper 2023

46. निम्नलिखित में से सही शब्द का चुनाव कीजिए।
(A) तहसीलदारी
(B) तहिसीलदारी
(C) तहषीलदारी
(D) तहीसलदारी

47. ‘अहिंसा दिवस’ किस तारीख को मनाया जाता है ?
(A) 20 जनवरी
(B) 18 फरवरी
(C) 2 अक्टूबर
(D) 15 अगस्त

48. गुरुनानक का जन्म स्थान है
(A) नन्द ग्राम
(B) तलवन्डी ग्राम
(C) गुरु ग्राम
(D) बेलसन्डी ग्राम

49. गुरुनानक का जन्म स्थान कहा जाता है
(A) गुरु ग्राम
(B) गुरु साहेब
(C) नानक ग्राम
(D)नानकाना साहब

50. कवि रसखान ने प्रेम-बरन किसे कहा है ?
(A) नंदबाबा को
(B) यशोदा मैया को
(C) गोपियों को
(D) श्रीकृष्ण को

Bihar Board 10th Hindi Model Paper 2023

51. निम्न में से शुद्ध वाक्य है
(A) देश की मौजूदा वर्तमान व्यवस्था ठीक नहीं है
(B) देश की वर्तमान मौजूदा व्यवस्था ठीक नहीं है ।
(C) देश की वर्तमान और मौजूदा व्यवस्था ठीक नहीं है ।
(D) देश की वर्तमान व्यवस्था ठीक नहीं है।

52. निम्न में से शुद्ध वाक्य है
(A) उसे मृत्यु दण्ड की सजा मिली है
(B) यह मेरी किताब है।
(C) उन्हें समझ ले आ जाएगा ।
(D) आपकी दही बहुत खट्टी है ।

53. शुद्ध वाक्य है
(A) उसने बढ़िया व्याख्यान बोला ।
(B) लड़के कुर्सियों पर बैठे हैं ।
(C) मेरे को अपनी पुस्तक देकर जाना ।
(D) मोहन का व्यवहार अच्छा नहीं है।

54. ‘टीस’ का लिंग निर्णय करें।
(A) पुल्लिग
(B) स्त्रीलिंग
(C) उभयलिंग

(D) इनमें से कोई नहीं

55. ‘नंदनंद’ किसे कहा गया है ?
(D) इनमें से कोई नहीं
(A) नंद बाबा को
(B) बलराम को
(C) श्रीकृष्ण को
(D) ग्वाल-बालकों को

Bihar Board 10th Hindi Model Paper 2023

56. रीतिमुक्त काव्यधारा के सिरमौर कवि किन्हें माना जाता है ?
(A) प्रेमधन
(B) घनानंद
(C) रसखान
(D) कबीर

57. ‘जहाँ प्रतिष्ठा नहीं, वहाँ क्या रहना।’ यह बात किसके मन में उत्पन्न हुई?
(A) किशोर
(B) निर्मला
(C) बहादुर
(D) लेखक

58. घनानंद किसके सैनिकों द्वारा मारे गए ? ?
(A) शिष्य के
(B) राजा के
(C) दूसरे कवि के
(D) नादिरशाह के सैनिक के

59. ‘ढोल’ का लिंग निर्णय करें।
(A) पुल्लिग
(B) स्त्रीलिंग
(C) उभयलिंग
(D) इनमें से कोई नहीं

60. ‘ठोकर’ का लिंग निर्णय करें।
(A) पुल्लिग
(B) स्त्रीलिंग
(C) उभयलिंग
(D) इनमें से कोई नहीं

Bihar Board 10th Hindi Model Paper 2023

S.N बिहार बोर्ड Class 10th हिन्दी मॉडल पेपर 2023
1. Hindi Model Paper – 1
2.  Hindi Model Paper – 2
3.  Hindi Model Paper – 3
4.  Hindi Model Paper – 4
5.  Hindi Model Paper – 5
6. Official Model Paper 2022
7.  Official Model Paper 2021
8.  Official Model Paper 2020
9. Official Model Paper 2019
10. Official Model Paper 2018
S.N DLS Education Mantu Sir
1 Free PDF + Notes + Online Test
2 DLS Education Book PDF Download
3 vvi Question PDF + Notes + Live Test
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 खण्ड-ब/SECTION-B
गैर-वस्तुनिष्ठ प्रश्न/Non-Objective Type Questions

1. निम्नलिखित गद्यांशों में से किसी एक गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दें । प्रत्येक प्रश्न दो अंकों का होगा।
(क) एक बार वेनिस नगर की यात्रा करते हुए गैलीलियो ने सुना कि हालैण्ड में किसी व्यक्ति ने कोई नई खोज की है। वह व्यक्ति हालैण्ड का चश्मे की शीशे बनानेवाला कोई व्यापारी था। एक दिन दुकान पर चश्मा बनाते समय उसने देखा कि नतोदर और उन्नतोदर तलों (लैंसों) को जोड़कर यदि आँख के सामने रखा जाए, तो दूर की वस्तुएँ बहुत समीपस्थ दिखाई पड़ती हैं। 

        गैलीलियो के लिए इतना जान लेना पर्याप्त था। उसने स्वयं इस सम्बन्ध में कुछ प्रयास आरंभ कर दिए । उसने शीशों में विभिन्न परिवर्तन करके उन्हें एक नली में इस ढंग से लगा दिया कि उनमें से देखने से दूर की वस्तुएँ काफी बड़ी और समीपस्थ दिखाई पड़ने लगीं। इस यंत्र को दूरबीन नाम दिया । 21 अगस्त, 1960 ई० को गैलीलियो ने पहली बार दूरबीन तैयार की। ‘सितारों को संदेश’ नामक पुस्तक में दूरबीन की खोज की कहानी लिखी। Bihar Board 10th Hindi Model Paper 2023

      उसी के शब्दों में “कुछ महीने पहले समाचार मिला कि हॉलैंड निवासी एक व्यक्ति के द्वारा ऐसा शीशा बनाया गया है, जिससे दूर की वस्तुएँ नजदीक दिखाई पड़ती हैं। मैं स्वयं भी ऐसे यंत्र के निर्माण में लग गया । मैंने एक नली बनाई और उसके दोनों सिरों पर एक-एक शीशा लगाया । उनमें एक कानकेव लैंस था और दूसरा कानवेक्स । इसके बाद मैंने उसी नली के सिरे पर आँख रखकर नली में से होकर आनेवाली वस्तुओं की आकृति को देखा। Bihar Board 10th Hindi Model Paper 2023

          नली के माध्यम से वस्तुएँ मुझे एक-तिहाई दूरी पर और तीन गुना बड़ी दिखाई दीं । फिर मैंने दूसरी बड़ी दूरबीन बनाई । इसमें से दूर की वस्तुएँ लगभग एक हजार गुना बड़ी और तीस से गुना नजदीक दिखाई देने लगी ।

Bihar Board 10th Hindi Model Paper 2023

प्रश्न (i) गैलीलियो को दूरबीन बनाने की प्रेरणा कहाँ से मिली ?
(ii) दो प्रकार के ताल (लैंस) कौन-कौन से होते हैं ?
(iii) गैलीलियो की पहली दूरबीन में क्या-क्या गुण था ?
(iv) दूसरी दूरबीन की शक्ति पहली दूरबीन से कितनी अधिक थी?
(v) गैलीलियो की किस पुस्तक का नाम इस गद्यांश में लिया गया है?

उत्तर-

(i) गैलीलियो को दूरबीन बनाने के लिए हॉलैंड के चश्मे की शीशा बनाने वाले एक व्यापारी से मिला।
(ii) दो प्रकार के लैंस हैं-(क) नतोदर और (ख) उन्नतोदर
(iii) गैलीलियो की पहली दूरबीन का गुण था-दूर की वस्तुएँ काफी बड़ी और निकट दिखने लगी ।
(iv) दूसरी दूरबीन की शक्ति पहली दूरबीन की तुलना में थी । इससे दूर की वस्तुएँ लगभग एक हजार गुना बड़ी और तीस गुना नजदीक दिखने लगी ।
(v) सितारों को संदेश । Bihar Board 10th Hindi Model Paper 2023

(ख) मनुष्य को सुख पहुँचाने वाली वस्तुओं की कमी है । इसलिए अधिक मशीन बैठाकर उत्पादन में वृद्धि करने की जरूरत है । धन में वृद्धि करने और बाह्य उपकरणों की ताकत बढ़ाने की जरूरत है । बड़े बड़े नेता के इस विचार से असहमति जताते हुए एक बूढ़ा ने कहा-बाहर नहीं, भीतर की ओर देखो । हिंसा को मन से दूर करो, मिथ्या को हटाओ, क्रोध और द्वेष को दूर करो, लोक के लिए कष्ट सहो, आराम की बात मत-सोचो, प्रेम की बात सोचो, काम करने की बात सोचो । क्योंकि प्रेम ही बड़ी चीज है और यह हमारे भीतर है । ‘स्व’ के नियंत्रण से प्रेम पुष्ट होता है ।

Bihar Board 10th Hindi Model Paper 2023

प्रश्न-(i) मनुष्य को सुख देने वाली वस्तुओं के अभाव को दूर करने के लिए नेताओं ने कौन-कौन से सुझाव दिए?
(ii) बूढ़े व्यक्ति ने क्या कहा ?
(iii) बूढ़े के अनुसार सबसे बड़ी चीज क्या है ?
(iv) प्रेम का वास कहाँ है ?
(v) प्रेम कैसे पुष्ट होता है ?

Bihar Board 10th Hindi Model Paper 2023

उत्तर

(i) मनुष्य को सुख देने वाली वस्तुओं के अभाव को दूर करने के लिए नेताओं ने मशीन बैठाकर उत्पादन में वृद्धि करने का सुझाव दिया है । साथ ही धन में वृद्धि करने और बाह्य उपकरणों की ताकत बढ़ाने का भी सुझाव दिया ।
(ii) बूढ़े व्यक्ति ने कहा कि ‘स्व’ के नियंत्रण से प्रेम पुष्ट होता है । अतः मन से हिंसा, मिथ्या, क्रोध और द्वेष को हटाना जरूरी है।
(iii) बूढ़े के अनुसार सबसे बड़ी चीज ‘प्रेम’ है ।
(iv) प्रेम का वास हमारे भीतर ही मन में होता है ।
(v) प्रेम ‘स्व’ के नियंत्रण से पुष्ट होता है ।

Bihar Board 10th Hindi Model Paper 2023

2. निम्नलिखित द्यांशों में से किसी एक गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दें । प्रत्येक प्रश्न दो अंकों का होगा। 5 x 2 = 10

(क) एक गुरुकुल था । विशाल और प्रख्यात । उसके आचार्य भी बहुत विद्वान थे । एक दिन आचार्य ने सभी छात्रों को आंगन में एकत्रित किया और उनके सामने एक समस्या रखी कि उन्हें अपनी कन्या के विवाह के लिए धन की आवश्यकता है । कुछ धनी परिवार के बालकों ने अपने घर से धन लाकर  देने की बात कही ! किन्तु गुरुजी ने कहा कि इस तरह तो आपके घरवाले मुझे लालची समझेंगे । लेकिन फिर गुरुजी ने एक उपाय बताया कि सभी विद्यार्थी चुपचाप अपने-अपने घरों से धन लाकर दें, मेरी समस्या सुलझ जायेगी।

        लेकिन यह बात किसी को पता नहीं चलनी चाहिए। सभी छात्र तैयार हो गये । इस तरह गुरुजी के पास धन का आना शुरू हो गया । लेकिन एक बालक कुछ नहीं लाया । गुरुजी ने उससे पूछा कि क्या उसे गुरु की सेवा नहीं करनी है ? उसने उत्तर दिया, “ऐसी कोई बात नहीं है। लेकिन मुझे ऐसी कोई जगह नहीं मिली जहाँ कोई देख न रहा हो ।” गुरुजी ने कहा, “कभी तो ऐसा समय आता होगा जहाँ कोई न देख रहा हो ।” Bihar Board 10th Hindi Model Paper 2023

        तब वह बालक बोला, “गुरुदेव ठीक है पर ऐसे स्थान में कोई रहे न रहे; मैं तो वहाँ रहता हूँ। कोई दूसरा देखे न देखे मैं स्वयं तो अपने कुकर्मों को देखता हूँ।” आचार्य ने गले लगाते हुए कहा, “तू मेरा सच्चा शिष्य है। क्योंकि तूने गुरु के कहने पर भी चोरी नहीं की । यह तेरे सच्चे चरित्र का सबूत है । तू ही मेरी कन्या का सच्चा और योग्य वर है।” और गुरुजी ने अपनी कन्या का विवाह उससे कर दिया । विद्या ऊँचे चरित्र का निर्माण करती है और उन्नति के शिखर पर ले जाती है । Bihar Board 10th Hindi Model Paper 2023

प्रश्न
(i) आचार्य ने अपने शिष्यों को बुलाकर क्या कहा ?
(ii) कुछ न ला सकने वाले शिष्य पर आचार्य क्यों प्रसन्न हुए ?
(iii) आचार्य को किस धन की खोज थी ? वह उन्हें किस रूप में मिला?
(iv) गुरुकुल के आचार्य किस प्रकार के व्यक्ति थे ?
(v) इस गद्यांश का उचित शीर्षक दें।

उत्तर-
(i) आचार्य ने अपने शिष्यों को बुलाकर अपनी कन्या के विवाह के लिए धन लाने की आवश्यकता की बात कही ।
(ii) कुछ न ला सकने वाले शिष्य पर आचार्य बहुत ही प्रसन्न हुए क्योंकि उसकी विनम्रता और सत्यवादिता से वे प्रभावित थे ।
(iii) आचार्य को सशिष्य रूपी धन की खोज थी जो उन्हें न कुछ लाने वाले शिष्य के रूप में मिला ।
(iv) गुरुकुल के आचार्य सत्यप्रिय और प्रकांड विद्वान थे ।
(v) सद्विद्या का महत्त्व । Bihar Board 10th Hindi Model Paper 2023

(ख) सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ हिंदी कविता के ऐतिहासिक विकास में संभवतः गोस्वामी तुलसीदास के बाद सबसे बड़ी विभूति हैं। उन्होंने हिंदी कविता को अपनी अशेष अपराजेय प्राणशक्ति से सींचा । उस महाप्राण कवि की अप्रतिहत जीवनी शक्ति पाकर वह शत-सहस्र अंकुरों में पल्लवित होकर अनेक पदों पर फैल चली। नए युग में हिंदी कविता को निरे पद्य के दुर्गम दुर्ग से उबारकर अरुद्ध प्रकाश, वायु, जल और आकाश वाले प्रशस्त क्षेत्र में लानेवाले कवियों में निराला निर्विवाद रूप से प्रमुख हैं । 

         तुलसीदास की तरह ही उनके पास कविता के बहु-विपुल स्रोत थे, अनुभव का अछीज खजाना था, शब्दार्थ-प्रतिपत्ति की अपरिमित भूमि और भंगिमाएँ थीं । निराला का भाषा, भाव और अभिव्यक्ति कला पर ही असाधारण अधिकार नहीं था, प्रकृति और समाज का गहन पर्यवेक्षण, व्यापक मानवीय करुणा तथा संवेदना और सहानुभूति की मर्म-संपदा भी उनके कोष में असाधारण थी।Bihar Board 10th Hindi Model Paper 2023

      जीवन और सृजन के दोनों धरातलों पर आजीवन दुर्गम संघर्ष करते हुए अपराजित जिजीविषा के इस कवि ने दोनों हाथों से अनवरत आत्मदान किया, अपनी मर्म-संपदा लुटाई । निराला ने कविता को छंद के बंधन से मुक्ति दिलाई, ऐसा प्रसिद्ध है; किंतु उन्होंने काव्य-भाषा, काव्य-विषय और रूप आदि के क्षेत्रों में भी कविता को अनेक रूढ़ियों से आजाद किया तथा उसे नए जीवन स्रोतों से जोड़कर नए भावपथों पर अग्रसर किया ।

        निराला ने कविता में आपाततः कायिक, वाचिक और मानसिक ऐसे परिवर्तन किए और उसके भीतर नया अवकाश, नई कामनाएँ, अभीप्साएँ और संकल्प सिरजे । इस तरह हिंदी कविता प्रौढ़तर अवस्थाओं में पहुँचकर प्रायः वैश्विक समांतरता अर्जित कर सकी ।

Bihar Board 10th Hindi Model Paper 2023

प्रश्न:
(i) प्रस्तुत गद्यांश का एक समुचित शीर्षक दीजिए ।
(ii) लेखक हिंदी कविता के इतिहास में तुलसीदास के बाद सबसे बड़ी विभूति किसे मानते हैं?
(iii) तुलसीदास और निराला में कैसी समानताएँ हैं ? अपनी टिप्पणी दें।
(iv) हिंदी काव्य के क्षेत्र में निराला के अवदान पर प्रकाश डालें ।
(v) निराला ने कविता को किसके बंधन से मुक्ति दिलायी ?

उत्तर:
(i) शीर्षक-हिन्दी कविता और निराला ।

(ii) लेखक हिंदी कविता के इतिहास में तुलसीदास के बाद सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ को सबसे बड़ी विभूति मानते हैं ।

(iii) ‘तुलसी’ और ‘निराला’ में अनेक समानताएँ हैं । दोनों में अनुभव का अक्षुण्ण भंडार है तथा दोनों में शब्दार्थ प्रतिपत्ति (बोध) की अपरिमित भूमि और भंगिमाएँ हैं। दोनों के यहाँ जीवन और काव्य एक और अखंड है।

(iv) हिंदी काव्य के क्षेत्र में ‘निराला’ के अवदान अत्यंत महत्त्वपूर्ण हैं । उन्होंने भाव, भाषा तथा अभिव्यक्ति कला के स्तर पर हिन्दी कविता में नवीनता का संचार किया । उन्होंने कविता को छंद के बंधन से मुक्त किया तथा काव्य-भाषा, काव्य-विषय तथा रूप आदि के क्षेत्रों में भी कविता को अनेक रूढ़ियों से आजाद किया ।

(v) निराला ने कविता को छन्द के बंधन से मुक्ति दिलायी ।

Bihar Board 10th Hindi Model Paper 2023

3. निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर दिए गए संकेत-बिन्दुओं के आधार पर लगभग 250-300 शब्दों में निबंध लिखें :
(क) स्वास्थ्य और व्यायाम
(ख) समाचार पत्र : ज्ञान का सशक्त साधन
(ग) भारतीय पर्व
(घ) बेरोजगारी की समस्या
(ङ) दुर्गापूजा

उत्तर-(क) स्वास्थ्य और व्यायाम

जीवन एक आनंद है । इस आनंद का अनुभव वही व्यक्ति कर सकता है, जिसका तन और मन दोनों स्वस्थ हो । यदि तन-मन स्वस्थ न रहे तो जीवन में कोई रस नहीं मिलता, कोई सफलता नहीं मिलती । अस्वस्थ व्यक्ति का जीवन व्यर्थ का बोझ बन जाता है ।

         अच्छे स्वास्थ्य के लिए तन और मन दोनों का व्यायाम जरूरी होता है तन के व्यायाम के लिए चाहिए-खेल-कूद, योगासन, कसरत आदि । मन के व्यायाम के लिए अपेक्षित है-अच्छे साहित्य का पठन-पाठन और सत्संगति । अच्छे विचारों और भावों के संपर्क में रहने से मन का व्यायाम होता है । शारीरिक क्रियाओं जैसे-खेल-कूद के विभिन्न प्रकारों से शरीर के रोगों से लड़ने की शक्ति बढ़ जाती है और स्वास्थ्य उत्तम हो जाता है  Bihar Board 10th Hindi Model Paper 2023

         मन को स्वस्थ रखने का आशय है-अपने उमंग, प्रेम, उत्साह, करुणा आदि भावों को स्वाभाविक बनाये रखना । मन को घृणा, द्वेष या निंदा में न फँसने देना । इसके लिए साहित्य पढ़ना चाहिए । महापुरुषों की जीवनियाँ पढ़नी चाहिए । शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने पर मन भी अपने स्वाभाविक रूप में बना रहता है । अतः शारीरिक व्यायाम मन को शक्ति प्रदान करते हैं । जिस समाज से व्यक्ति स्वस्थ होते हैं, वह समाज भी स्वस्थ बनता है। ऐसा समाज ही प्रेम और करुणा का परिचय दे पाता है । Bihar Board 10th Hindi Model Paper 2023

          यही कारण है कि अस्वस्थ शरीर वाले नगरीय समाज में चोरी और गुंडागर्दी की घटनाएँ अधिक होती हैं। स्वस्थ समाज के लोग समाज में घुसे शत्रुओं का एकजुट होकर मुकाबला करते हैं। अच्छे स्वास्थ्य की प्राप्ति के लिए व्यायाम अनिवार्य कार्य है । व्यायाम की महत्ता का बखान करते हुए किसी कवि ने इसके द्वारा प्राप्त होने वाले लाभों के बारे में कहा है- “स्वास्थ्य आयु बल ओज छवि भूख विविद्रधन काम । रोग हरन मंगल करन, कीजै नित व्यायाम ॥” Bihar Board 10th Hindi Model Paper 2023

(ख) समाचार पत्र : ज्ञान का सशक्त साधन

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देश-विदेश की खबरें पहुँचाने वाले साधन को समाचार पत्र कहते हैं। देश या विदेश में होने वाली प्रतिदिन की घटनाओं का परिचय हमें समाचारपत्रों से बड़ी आसानी से, कम-से-कम खर्च में हो जाती है। दूसरे देशों में कल क्या हुआ या आज क्या हो रहा है, इन सारी बातों का ज्ञान हमें समाचारपत्रों से ही होता है। अतः समाचार-पत्र आज एक बड़ी शक्ति है, जिसके बिना हमारा ज्ञान अधूरा है। कहा जाता है कि समाचार पत्र का जन्म सबसे पहले चीन में ही हुआ था,

          क्योंकि छपाई का काम पहले-पहल वहीं आरंभ हुआ। कुछ लोग समाचारपत्र का जन्मभूमि इटली के रोम शहर को बतलाते हैं। आज से चार-सौ वर्ष पहले इटली के वेनिस नगर में समाचारपत्र का जन्म हुआ था। सत्रहवीं शताब्दी में इसका प्रचार सारे यूरोप में हो चुका था। भारत में समाचारपत्र का श्रीगणेश अठारहवीं शताब्दी में यहाँ के शासक अंग्रजों द्वारा हुआ।

         फिर देखते ही सारे भारत में इसकी बाढ़-सी आ गया। इस समय भारत की भिन्न-भिन्न भाषाओं में ग्यारह सौ के लगभग दैनिक और लगभग छः हजार साप्ताहिक पत्र छपते हैं। इनमें सबसे अधिक पत्र हिन्दी में ही प्रकाशित होते हैं। इनकी संख्या 367 है। अंग्रजी में कुल 105 दैनिक समाचारपत्र छपते हैं। साप्ताहिक पत्रों में भी सबसे अधिक संख्या हिन्दी की ही है। हिन्दी में 235, अंग्रजी में 290 और बाकी अन्यान्य भाषाओं समाचार पत्र एक बड़ी शक्ति है। Bihar Board 10th Hindi Model Paper 2023

        इससे बड़े-बड़े नेता भी घबराते हैं। यह कभी-कभी बड़ी-बड़ी सरकारों को भी उखाड़ फेंकता है। कभी जनता में क्रांति की लहर फैलाता और अच्छी सरकार की स्थापना में मदद भी करता है। समाचारपत्र एक योग्य शिक्षक का भी काम करता है। यह हमें घर बैठे देश-विदेश की बातें बतलाता है। हमारी भलाई के नये-नये सुझाव देता है और हमारा व्यावहारिक ज्ञान विकसित करता है। 

         इतना ही नहीं समाचारपत्र व्यापारियों और नौकरी की खोज करने वालों का भी मित्र है। व्यापारी घर बैठे ही समाचारपत्रों में अपने माल का विज्ञापन देकर लाभ उठाते हैं। इसी तरह पढ़े-लिखे बेकारों को इस बात का पता चलता है कि कहाँ किस प्रकार की नौकरी की जगह खाली हुई है। वस्तुतः समाचारपत्र हमारे ज्ञान का विकास करता है। हमारे दैनिक जीवन की आवश्यकताएँ भी पूरी करता है। आज हर शिक्षित घर में इसका होना अनिवार्य हो गया है। बड़े-बड़े नगरों में लोग बिस्तर से उठते ही पहले अखबार या समाचारपत्र पढ़ते हैं। यही कारण है कि कुछ लोग इसके बिना रह नहीं सकते। Bihar Board 10th Hindi Model Paper 2023

         समाचारपत्र कई तरह का होता है। दैनिक, साप्ताहिक, मासिक, पाक्षिक इत्यादि। इन सबों में दैनिक पत्र का प्रसार सबसे ज्यादा है और इसकी कीमत भी कम रखी जाती है। मासिक पत्रों में साहित्य से संबंध रखते वाली बातें अधिक रहा करती हैं। साप्ताहिक पत्रों में सप्ताह भर के समाचारों की चर्चा सम्मिलित की जाती है। दैनिक पत्रों का सीधा संबंध जन-जीवन से रहता है। समाचार के महत्त्व के साथ ही सम्पादकों का दायित्व भी बढ़ गया है। एक अच्छा सम्पादक जीवन को अच्छे मार्ग पर ले जाता है ताकि जनता सुखी हो । भारत में समाचारपत्रों का काफी विकास हुआ है और क्रमशः होता जा रहा है। Bihar Board 10th Hindi Model Paper 2023

       अतः हमारे देश में समाचारपत्र का भविष्य सुन्दर और उज्ज्वल है। समाचारपत्रों पर सरकार का नियंत्रण कानूनी ढंग से पहले काफी अधिक था। सरकार के खिलाफ छापे गये समाचारों के लिए समाचारपत्र दण्डित किया जाता था। लेकिन सरकार को सर्तक करने के लिए उसकी खामी और खूबियों को उजागर करना आवश्यक हो जाता है। जनतंत्र में उसको जनता के सामने वास्तविक स्थिति रखने की आजादी मिलनी ही चाहिए। इधर कुछ दिनों से समाचारपत्रों पर अंकुश लगाने की बात सरकार सोच रही थी, लेकिन, जनता की आवाज ने उसे ऐसा करने से रोक दिया। Bihar Board 10th Hindi Model Paper 2023

       खासकर संकटकालीन स्थिति में जब जनता के सारे मौलिक अधिकार समाप्त हो जाते हैं, अखबार की स्वतंत्रता भी काफी कम हो जाती है। अखबार को उन्हीं समाचारों को छापना पड़ता है जो सरकार चाहती है। अखबार के प्रत्येक समाचार को सरकार के कर्मचारी देखकर छापने की अनुमति देते हैं। ऐसे समाचार जो सरकार के लिए घातक होते हैं,नहीं छापने दिये जाते हैं। किसी भी व्यक्ति के चरित्र-हनन संबधी समाचारों के लिए अखबार पर मुकदमे चलाये जाते हैं, और अखबार से संबंद्ध अधिकारी जो इस समाचार को अंतिम रूप से छापने की अनुमति देते हैं, उन्हें सजा तक मिलती है। अपने राज्य से भी पहले कुछ अखबार निकलते थे, जिनमें आर्यावर्त और इण्डियन नेशन प्रमुख स्थान बनाये हुए थे। अब हिन्दुस्तान, हिन्दुस्तान टाइम्स तथा टाइम्स ऑफ इण्डिया ने इनका स्थान ग्रहण कर लिया है। आरंभ में प्रदीप, सर्चलाइट, नवराष्ट्र, राष्ट्रवाणी आदि दैनिक पत्र छपते थे। लकिन अब इनका प्रकाशन स्थगित हो गया है। इधर कई दैनिक तथा साप्ताहिक पत्र निकलने लगे हैं।

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(ग) भारतीय पर्व

मानव समाज में कटुता बहुत तेजी से बढ़ी है । लोग मतलबी होते जा रहे हैं । ऑफिस से घर और घर के अन्दर ताले में बन्द हो जाते हैं । यह कोई जिन्दगी जीना नहीं है, अपने को मशीन बना लेना है-“यंत्र मानव”। दिशाहीन व्यस्तता मनुष्य को अपनी वास्तविक आनंद तथा सुख से दूर ले जाता है । अतः हमें निराश जीवन से मुक्ति हेतु सार्वजनिक जीवन में आना पड़ेगा और उसका सबसे बड़ा माध्यम है ‘त्योहार’ । त्योहार को हम मुख्य रूप से तीन भाग में बाँट सकते हैं । धार्मिक त्योहार

            जिसे हिन्दू, मुस्लिम, सिक्ख और पारसी अपने-अपने ढंग से मनाते हैं और वे सामाजिक त्योहार भी मनाते हैं । जिसमें उनकी सांस्कृतिक झलक दिखलाईपड़ती है । रथयात्रा, होली, रक्षा बन्धन, दशहरा, जन्माष्टमी, नागपंचमी, छठ, गोधन पूजन, ईद-बकरीद, मुहर्रम, सबेबारात, क्रिसमस, ओणम, वैशाखी, पोंगल, गणेश चतुर्थी, कार्तिक पूर्णिमा, गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस, अंबेडकर जयंती, गाँधी जयंती, गुरुनानक, कबीर, तुलसी जयंती, गुरुपूर्णिमा आदि अनेक त्योहार हमारे देश में मनाये जाते हैं । इससे मानवता का विकास होता है, समाज उन्नत होता है । सार्वजनिक जीवन आनन्दपूर्ण जीने की प्रेरणा देता है।

     परस्पर एकता, प्रेम, सेवा, एकरसता, एकात्मकता, त्याग, एकरूपता, सेवादर्श, आदि में त्योहारों का महत्त्व है । त्योहारों के मनाने से सम्पूर्ण मानव समाज को धार्मिक, सामाजिक, राष्ट्रीयता के साथ सुख-समृद्ध और विकास की प्रेरणा मिलती है । इस प्रकार, त्योहार मानव समाज के लिए प्राण हैं जो बन्धुत्व की भावना बढ़ाता है । Bihar Board 10th Hindi Model Paper 2023

      आज हमारा जीवन भागम-भाग और व्याकुलता से भरा है । जीवन के आपाधापी में हम वास्तविक आनन्द से दूर, दुःख, अशांति तथा असंतोष की ओर बढ़ते जा रहे हैं । परस्पर आत्मविश्वास फैल रहा है । इसलिए त्योहारों का महत्त्व धार्मिक, सांस्कृतिक-सामाजिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यन्त अधिक है । यह उदासी रूपी कड़वाहट को दूर कर प्रसन्नता रूपी पीयूष पिलाता है

          हमारे देश में एकता में विविधता और विविधता में एकता है । सभी समुदाय, सम्प्रदाय, जाति, धर्म, वर्ग-वर्ण के लोग कोई न कोई त्योहार अवश्य मनाते हैं । इस देश को तो त्योहारों का देश भी कहा जाता है । अतः कहा जा सकता है कि हमारे देश के त्योहार विशुद्ध प्रेम, बन्धुत्व तथा सद्भावना को बल प्रदान करते हैं।

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(घ) बेरोजगारी की समस्या

आज भारत के सामने अनेक समस्याएँ चट्टान बनकर प्रगति का रास्ता रोके खड़ी हैं। उनमें से एक प्रमुख समस्या है-बेरोजगारी । महात्मा गाँधी ने इसे ‘समस्याओं की समस्या’ कहा था। बेरोजगारी का अर्थ है-योग्यता के अनुसार काम का न होना। भारत में मुख्यतया तीन प्रकार के बेरोजगार हैं । एक वे, जिनके पास आजीविका का कोई साधन नहीं है । वे पूरी तरह खाली हैं । दूसरे, जिनके पास कुछ समय काम होता है, परंतु मौसम या काम का समय समाप्त होते ही वे बेकार हो जाते हैं। ये आंशिक बेरोजगार कहलाते हैं। तीसरे वे, जिन्हें योग्यता के अनुसार काम नहीं मिला। Bihar Board 10th Hindi Model Paper 2023

        बेरोजगारी का सबसे बड़ा कारण है-जनसंख्या-विस्फोट। इस देश में रोजगार देने की जितनी योजनाएँ बनती हैं, वे सब अत्यधिक जनसंख्या बढ़ने के कारण बेकार हो जाती हैं। एक अनार सौ बीमार वाली कहावत यहाँ पूरी  तरह चरितार्थ होती है । बेरोजगारी का दूसरा कारण है-युवकों में बाबूगिरी की होड़। नवयुवक हाथ का काम करने में अपना अपमान समझते हैं। विशेषकर पढ़े-लिखे युवक सरकारी नौकरी की जिंदगी पसंद करते हैं। इस कारण वे रोजगार कार्यालय की धूल फांकते रहते हैं।

      बेकारी का तीसरा बड़ा कारण है-दूषित शिक्षा प्रणाली । हमारी शिक्षा प्रणाली नित नए बेरोजगार पैदा करती जा रही है। व्यावसायिक प्रशिक्षण का हमारी शिक्षा में अभाव है । चौथा कारण है-गलत योजनाएँ। सरकार को चाहिए कि वह लघु उद्योगों को प्रोत्साहन दे। मशीनीकरण को उसी सीमा तक बढ़ाया जाना चाहिए जिससे कि रोजगार के अवसर कम न हों। इसीलिए गाँधी जी ने मशीनों का विरोध किया था, Bihar Board 10th Hindi Model Paper 2023

      क्योंकि एक मशीन कई कारीगरों के हाथों को बेकार बना डालती है। बेरोजगारी के दुष्परिणाम अतीव भयंकर हैं। खाली दिमाग शैतान का घर। बेरोजगार युवक कुछ भी गलत-सलत करने पर उतारू हो जाते हैं । वही शांति को भंग करने में सबसे आगे होते हैं। शिक्षा का माहौल भी वही बिगाड़ते हैं जिन्हें अपना भविष्य अंधकारमय लगता है। बेकारी का समाधान तभी हो सकता है, जब जनसंख्या पर रोक लगाई जाए। युवक हाथ का काम करें। सरकार लघु उद्योगों को प्रोत्साहन दे । शिक्षा व्यवसाय से जुड़े तथा रोजगार के अधिकाधिक अवसर जुटाए जाएँ।

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(ङ) दुर्गापूजा
“सर्वशक्ति महामाया दिव्यज्ञान स्वरूपिणी ।
नवदुर्गे, जगन्मातर, प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥”

भारत को ‘पों का देश’ कहा जाता है । शायद ही कोई महीना हो जिसमें कोई-न-कोई पर्व नहीं मनाया जाता हो । भारत के विभिन्न पर्यों में दुर्गापूजा का विशिष्ट स्थान है। दुर्गापूजा का पर्व आसुरी प्रवृत्तियों पर दैवी प्रवृत्तियों की विजय का पर्व है। प्रत्येक व्यक्ति के भीतर राम और रावण (सत और असत) की अलग-अलग प्रवृत्तियाँ हैं । इन दो अलग प्रवृत्तियों में निरंतर संघर्ष चलता रहता है ।

     हम दुर्गापूजा इसीलिए मनाते हैं कि हम हमेशा अपनी सद्प्रवृत्तियों से असद्प्रवृत्तियों को मारते रहें । दुर्गापूजा को ‘दशहरा’ भी कहा जाता है; क्योंकि राम ने दस सिरवाले रावण (दशशीश) को मारा था । दुर्गापूजा का महान् पर्व लगातार दस दिनों तक मनाया जाता है । आश्विन शुक्ल प्रतिपदा (प्रथमा तिथि) को कलश स्थापना होती है और उसी दिन से पूजा प्रारंभ हो जाती है । दुर्गा की प्रतिमा में सप्तमी को प्राण-प्रतिष्ठा की जाती है । Bihar Board 10th Hindi Model Paper 2023

       उस दिन से नवमी तक माँ दुर्गा की पूजा-अर्चना विधिपूर्वक की जाती है। श्रद्धालु प्रतिपदा से नवमी तक ‘दुर्गासप्तशती’ या ‘रामचरितमानस’ का पाठ करते हैं। कुछ लोग ‘गीता’ का भी पाठ करते हैं । कुछ श्रद्धालु हिंदू भक्त नौ दिनों तक ‘निर्जल उपवास’ करते हैं और अपने साधनात्मक चमत्कार से लोगों को अभिभूत कर देते हैं । सप्तमी से नवमी तक खूब चहल-पहल रहती है ।

       देहातों की अपेक्षा शहरों में विशेष चहल-पहल होती है । लोग झंड बाँध-बाँधकर मेला देखने जाते हैं। शहरों में बिजली की रोशनी में प्रतिमाओं की शोभा और निखर जाती है । विभिन्न पूजा-समितियों की ओर से इन तीनv रातों में गीत, संगीत और नाटकों के विभिन्न रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं । Bihar Board 10th Hindi Model Paper 2023

     शहरों की कुछ समितियाँ इस अवसर पर ‘व्यंग्य और क्रीड़ामूर्तियों’ की स्थापना करती हैं । इस दिन लोग अच्छा-अच्छा भोजन करते हैं और नए वस्त्र धारण करते हैं । इस दिन नीलकंठ (चिड़िया) का दर्शन शुभ माना जाता है दुर्गापूजा सांस्कृतिक पर्व है । हमें वैसा कुछ आचरण नहीं करना चाहिए,   जिससे सांस्कृतिक प्रदूषण हो और पूजा की पवित्रता पर आँच आए । “या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता । नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमोनमः ॥”

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4. निर्धन छात्र कोष से सहायता हेतु अपने प्रधानाध्यापक को एक पत्र
अथवा   मद्य-निषेध के परिणाम पर दो मित्रों के बीच के संवाद को लिखिए। लिखें।
 
सेवा में
              प्रधानाचार्य महोदय
              एफ. एन. एस. एकेडमी, पटना
              विषय-निर्धन छात्र कोष से सहायता हेतु प्रार्थना पत्र ।
श्रीमान्जी
            सविनय निवेदन है कि मैं दसवीं कक्षा का विद्यार्थी हूँ। मैं एक निर्धन परिवार से संबंध रखता हूँ। मेरे पिताजी की कपड़े की एक छोटी-सी दुकान है जिससे इतनी आमदनी नहीं हो पाती कि परिवार का भरण-पोषण सुचारु रूप से हो सके । मेरे पिताजी मेरी पढ़ाई-लिखाई के बोझ को उठाने में असमर्थ हैं ।
         मैं आपसे प्रार्थना करता कि आप मुझे निर्धन छात्र कोष से सहायता देने की कृपा करें जिससे मैं अपनी पढ़ाई जारी रख सकूँ । मैं आपको पूर्ण विश्वास दिलाता हूँ कि अपने आचरण और पठन-पाठन में आपको किसी शिकायत का मौका नहीं दूंगा ।धन्यवाद !

आपका आज्ञाकारी शिष्य
दि० 12-02-2022
सुनील कुमार
दसवीं कक्षा

अथवा

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देवकान्त : हेमन्त बाबू नमस्ते । इधर दिखाई नहीं दे रहे हैं । क्या बात है?

हेमन्त: नमस्ते देवकान्त जी, मैं तो आपसे मिलने वाला था संयोग से आप मिल गए ।

देवकान्त : इधर हम भी घर से बाहर बहुत ही कम निकलते थे । दिन में भीषण गर्मी और शाम से शराबियों का जमावड़ा ।

हेमन्त: ठीक कहते हैं । धन्यवाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार जी का जिन्होंने अत्यन्त साहसपूर्ण कार्य कर पूरे राज्य में
मद्यनिषेध लागू कर दिया है ।

देवकान्त : नीतिश जी की हिम्मत सराहनीय है । सरकार को 3300 करोड़ रुपये का राजस्व शराब से मिलता था । अब सरकार की कमाईबन्द हो गई है।

हेमन्त: बात तो सही है । 3300 करोड़ का राजस्व किस काम का ! जब समाज में सद्भावना ही न रहे। आज सर्वत्र अमन चैन
है । खासकर महिलाएं और बच्चे जो सबसे अधिक नुकसान उठाते थे, आज सुखी हैं।

देवकान्त : शराब के कारण कितने ही घर-परिवार बर्बाद हो गए । घर-परिवारों में कलह, टूटन और अपराधों का शराब से सीधा
रिश्ता था । सड़क दुर्घटनाओं का महत्त्वपूर्ण कारण शराब है।

हेमन्त: यही नहीं राज्य की बदहाली का, गरीबी का भी प्रमुख कारण शराब ही है।

देवकान्त : बिहार की जनता को धन्यवाद, जिन्होंने मद्य-निषेध का भरपूर समर्थन किया है।

हेमन्त:  ठीक कहते हैं । 21 जनवरी 1917 को बिहार में मानव श्रृंखला बनी जिसमें 4 करोड़ लोगों ने भाग लिया । यह इस बात का गवाह है कि बिहार की जनता मद्यपान को अच्छे निगाह से नहीं देखती ।

देवकान्त : हाँ, यह तो सही है, लेकिन समाज में कुछ ऐसे लोग आज भी हैं जो चोरी-छिपे दूसरे राज्यों से शराब लाकर यहाँ धन्धा कर रहे हैं

हेमन्त: सरकार भी ऐसे लोगों को कड़ी-से-कड़ी सजा देने के लिए कटिबद्ध है।

देवकान्त : यह तो बड़ी खुशी की बात है ।

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5. निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं पाँच प्रश्नों के उत्तर प्रत्येक लगभग 20-30 शब्दों में दें:

(क) शिक्षा का ध्येय गाँधीजी क्या मानते थे और क्यों ?
उत्तर-गाँधीजी शिक्षा का ध्येय चरित्र-निर्माण को मानते थे। गाँधीजी का विचार था कि जब भारत आजाद हो जाएगा तब साहस, बल, सदाचार के साथ आत्मोत्सर्ग की शक्ति के विकास के लिए सतत् संघर्ष करना होगा तभी ध्येय पूर्ण होगा। भारत सफल और सबल होगा। चरित्र निर्माण के द्वारा ही स्वस्थ समाज का निर्माण होगा जिससे राष्ट्र के विकास में मदद मिलेगी। इसलिए शिक्षा का मूल ध्येय चरित्र निर्माण है।

(ख) नाखून क्यों बढ़ते हैं ? यह प्रश्न लेखक के आगे कैसे उपस्थित हुआ?
उत्तर- नाखून क्यों बढ़ते हैं ? यह प्रश्न लेखक के आगे उनकी लड़की के माध्यम से उपस्थित हुआ। इस प्रश्न ने लेखक को सोचने को विवश कर दिया कि सचमुच नाखून बार-बार काटने पर भी क्यों इस प्रकार बढ़ा करते हैं।

(ग) नागरी लिपि कब एक सार्वदेशिक लिपि थी?
उत्तर-ईसा की 8वीं-11वीं सदियों में हम नागरी लिपि को पूरे देश में व्याप्त देखते हैं। उस समय यह एक सार्वदेशिक लिपि थी। देश भर से नागरी लिपि के बहुत सारे लेख मिले हैं। अतः इस नागरी लिपि के उदय के साथ भारतीय इतिहास व संस्कृति के एक नए युग की शुरुआत होती है। Bihar Board 10th Hindi Model Paper 2023

(घ) अपने विवाह के बारे में बिरजू महाराज क्या बताते हैं ?
उत्तर-बिरजू महाराज की अवस्था जब 18 वर्ष की थी, तभी माँ ने शादी करा दी। माँ यह सोचती थी कि इसके पिता यह शुभ दिन नहीं देख सके तो कम से कम मैं देख लूँ। बिरजू महाराज के अनुसार माँ ने यह गलत निर्णय लिया, जिससे महाराज पर इसका बुरा असर पड़ा। उनकी जवाबदेही काफी बढ़ गई, फलस्वरूप वे नौकरी करने को विवश हुए अन्यथा संभावना कुछ और ही हो सकती थी।

(ङ) वाणी कब विष के समान हो जाती है?
उत्तर- जब वाणी बाह्य आडंबर से सम्पन्न होकर राम-नाम को त्याग देती है तब वह विष हो जाती है। राम-नाम के अतिरिक्त उच्चरित ध्वनि
काम-क्रोध, मद-लोभ आदि से परिपूर्ण होती है।

(च) कवि भारतमाता का कैसा चित्र प्रस्तुत करता है ?
उत्तर-प्रथम अनुच्छेद में कवि ने भारतमाता के रूपों का सजीवात्मक रूप प्रदर्शित किया है। गाँवों में बसनेवाली भारतमाता आज धूल-धूसरित शस्य-श्यामला रहकर उदासीन बन गई है। उसका आँचल मैला हो गया है गंगा-यमुना के निर्मल जल प्रदूषित हो गये हैं। इसकी मिट्टी में पहले जैसी प्रतिभा और यश नहीं है। आज यह उदास हो गई है।

(छ) कवि को वृक्ष बूढ़ा चौकीदार क्यों लगता था?
उत्तर-बूढ़े चौकीदार में फुर्तीलापन और चमक-दमक समाप्त हो जाते हैं। वे अपनी कर्त्तव्यनिष्ठा एवं ईमानदारी के बल पर अपने स्वामी का कृपापात्र बने रहते हैं। कवि के घर के सामने बड़ा पुराना वृक्ष उसके घर, गाँव, वातावरण आदि की रखवाली करता था। यही कारण है कि कवि को वह बूढ़ा वृक्ष चौकीदार-सा लगता था। Bihar Board 10th Hindi Model Paper 2023

(ज) कवि किस तरह के बंगाल में एक दिन लौटकर आने की बात करता है ?
उत्तर-कवि धान से लहलहाते खेत, बहती हुई नदी के किनारे एक दिन लौटकर आने की बात कहता है। कवि भिन्न-भिन्न योनियों में जन्म लेकर भी, बंगाल की धरती पर ही आना चाहता है। Bihar Board 10th Hindi Model Paper 2023

(झ) लक्ष्मी कौन थी ? उसकी पारिवारिक परिस्थिति का चित्र प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर-‘लक्ष्मी ढहते विश्वास’ कहानी की प्रमुख पात्रा है । उसका पति (लक्ष्मण) कलकत्ता (आज का कोलकाता) में नौकरी करता है । पति द्वारा प्राप्त राशि से उसका घर-गृहस्थी नहीं चलता है तो वह तहसीलदार के घर का काम कर किसी तरह जीवन-यापन कर लेती है । पूर्वजों के द्वारा छोड़ा गया एक बीघा खेत है । किसी तरह लक्ष्मी ने उसमें खेती करवाई है । वर्षा नहीं होने से अंकुर जल गये तो कहीं-कहीं धान सूख गये । एक तरफ सूखा और दूसरी तरफ लगातार वर्षा से लक्ष्मी का मन काँप गया है । उसके सामने विवशता देखने में बनती है । Bihar Board 10th Hindi Model Paper 2023

 (ञ) बेटी को अस्पताल में भर्ती कर घर जाते समय माँ की कैसी दशा थी?
उत्तर-बेटी को अस्पताल में भर्ती कर घर लौटते समय माँ की दशा अत्यंत हृदयविदारक थी । चलते समय माँ ने मंगु के सिर पर हाथ रखा और आशीर्वाद देने के क्रम में ‘बेटा’ शब्द कहा ही था कि उनका स्वर फूट पड़ा, मरने के समय जैसी एक लंबी सिसकी फूट पड़ी । माँ के उस आक्रंदन में सारा अस्पताल डूब गया । मंगु की आँखों से भी अविरल अश्रुपात होने लगा। इस कारुणिक दृश्य को देख डॉक्टर, मेट्रन और परिचारिकाओं के हृदय भी भर आए । माँ उस समय स्नेह में पागल बनी हुई वेदना की करुण प्रतिमूर्ति-सी दिख रही थी।

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6. निम्नलिखित प्रश्नों में से किसी एक प्रश्न का उत्तर लिखिए (शब्द सीमा लगभग 100):

(क) गाँधीजी किस तरह के सामंजस्य को भारत के लिए बेहतर मानते हैं और क्यों?
उत्तर-महात्मा गाँधी का विचार है कि भारतीय संस्कृति उन भिन्न-भिन्नसंस्कृतियों के सामंजस्य की प्रतीक है जिनके हिन्दुस्तान में पैर जम गए हैं। जिनका प्रभाव भारतीय जीवन पर पड़ चुका है और जो स्वयं भारतीय जीवन से भी प्रभावित हुई है। भारतीय संस्कृति अमेरिकी संस्कृति से भिन्न है।

      इसका अपना कुदरती तौर पर सामंजस्य होगा जो स्वदेशी ढंग का होगा। इसमें प्रत्येक संस्कृति के लिए अपना उचित स्थान अंकित रहेगा। भारतीय संस्कृत समन्वय और निरन्तर विकासोन्मुख संस्कृति है। इसका अपना निजी गुण है। यहाँ की संस्कृति में शांति, एकता, अहिंसा और सहिष्णुता के अनमोल तत्त्व पाये जाते हैं। Bihar Board 10th Hindi Model Paper 2023

(ख) निम्न पंक्तियों का अर्थ लिखें
घुघरू लाल पैरों में;
तैरता रहूँगा बस दिन-दिन भर पानी में-
गंध जहाँ होगी ही भरी, घास की।”

उत्तर-प्रस्तुत पंक्ति में कवि ने बंगाल के प्रति अपने समर्पण को
अभिव्यक्त किया है। नश्वर शरीर को त्यागकर कवि पक्षिकुल में जन्म लेकर बंगाल की धरती को सुशोभित करना चाहता है। हंस बनकर किशोरी के घुघरू की तरह उन्माद फैलाना चाहता है। वह दिन भर तैरकर सर्वत्र सुंगध फैलाना चाहता है। वस्ततः कवि पाठकों को स्वच्छंद जीवन जीने के लिए प्रेरित करता है।

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